JHARKHAND NEWS : 115 करोड़ के घोटाले में खूनी मोड़: "मैनेजर की हत्या करा दो"... अर्घ्य सेन का वो एक बयान और दहल गया महकमा
झारखंड बिजली विभाग के 115 करोड़ रुपये के महाघोटाले में एक ऐसा खुलासा हुआ है जिसने सीआईडी (CID) के भी होश उड़ा दिए हैं! रुपयों का हेरफेर, फर्जी बैंक खाते, कोलकाता-मुंबई तक पैसों की लॉन्ड्रिंग और बैंक मैनेजर की हत्या की साजिश... इस पूरे खेल की परतें अब एक-एक कर खुलने लगी हैं।मामले में गिरफ्तार ठेकेदार और जमीन कारोबारी लोकेश्वर साह ने सीआईडी के समक्ष स्वीकारोक्ति बयान में कई सनसनीखेज दावे किए हैं। लोकेश्वर के मुताबिक, सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया की बिरसा चौक शाखा के फर्जी खाते में करोड़ों रुपये ट्रांसफर होने के बाद, दुर्गा पूजा से ठीक पहले रांची के 'वीणा इन होटल' में एक सीक्रेट मीटिंग हुई थी।
इस बैठक में घोटाले का कथित सरगना अर्घ्य सेन, समीर कुमार, बैंक मैनेजर लोलस लकड़ा और लोकेश्वर खुद मौजूद था। लोकेश्वर का दावा है कि पार्टी के बाद अर्घ्य सेन ने उससे कहा— 'इस पूरे खेल की जड़ बैंक मैनेजर लोलस लकड़ा है, हो सके तो इसकी हत्या करवा दो!' हालांकि, लोकेश्वर ने सरकारी कर्मचारी का मर्डर करने से साफ इनकार कर दिया।जांच में सामने आया है कि बिजली विभाग की असली एफडी (FD) तोड़कर करीब 95-95 करोड़ रुपये फर्जी खाते में ट्रांसफर किए गए और फर्जी दस्तावेज तैयार कर विभाग को भेज दिए गए।
लोकेश्वर के दावों के मुताबिक, इस लूट का कट-मनी फिक्स था:
10 प्रतिशत हिस्सा: तत्कालीन बैंक मैनेजर लोलस लकड़ा के लिए।
50 प्रतिशत हिस्सा: फंड उपलब्ध कराने के बदले बिजली विभाग के अफसरों और बिचौलियों के लिए।
2.75 करोड़ रुपये: खुद आरोपी लोकेश्वर साह को मिले।घोटाले के इन पैसों का क्या हुआ? लोकेश्वर का दावा है कि उसने 25 लाख के जेवर खरीदे, नई XUV-700 गाड़ी ली और खूंटी में 1.20 करोड़ रुपये में 8 एकड़ जमीन खरीदी। इतना ही नहीं, उसने स्कूल बैग में भरकर 90 लाख रुपये बैंक मैनेजर लोलस लकड़ा को दिए थे।हालांकि, सीआईडी का कहना है कि इन सभी सनसनीखेज दावों की स्वतंत्र पुष्टि के लिए जांच अभी जारी है।