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JHARKHAND NEWS : रांची स्थित वन भवन कार्यालय में WOCB और अन्य संबंधित एजेंसियों के समन्वय समिति की हुई बैठक

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रांची : वन्यजीव अपराधों की रोकथाम और प्रभावी नियंत्रण के उद्देश्य से बुधवार को डोरंडा स्थित वन भवन कार्यालय में वाइल्ड लाइफ क्राइम कंट्रोल ब्यूरो सेंट्रल रीजन और अन्य संबंधित एजेंसियों के समन्वय समिति की बैठक वन विभाग झारखंड के राज्य मुख्यालय स्थित विवेकानंद सभागार में हुई. बैठक की अध्यक्षता प्रधान मुख्य वन संरक्षक संजीव कुमार ने की.

उन्होंने बताया कि वन्यजीव अपराधों और वन्य जीव तस्करी की रोकथाम के लिए विभिन्न एजेंसियों के बीच समन्वय को और अधिक सुदृढ़ बनाने की आवश्यकता है. इसके तहत प्रत्येक विभाग की ओर से नोडल अधिकारियों के नामांकन,महत्वपूर्ण मामलों की समीक्षा,ऑनलाइन केस प्रबंधन,वित्तीय जांच,अभियोजन सहायता और वन्य जीव अपराधियो के प्रोफ़ाइल को अद्यतन करने की आवश्यकता है. वन्य जीव और उनके अंगों की अवैध तस्करी को रोकने के लिए हवाई,रेल और सड़क मार्गों के साथ-साथ डाकघरों और कुरियर सेवाओं के माध्यम से होने वाले अवैध परिवहन पर प्रभावी निगरानी स्थापित की जाए. साथ ही वन्यजीव अपराधों से संबंधित सूचनाओं का समयबद्ध आदान-प्रदान सुनिश्चित करने के लिए एक सुदृढ़ तंत्र विकसित करने का निर्देश दिया गया.

आइपीएस रुचिका ऋषि (एडिशनल डायरेक्टर वाइल्डलाइफ क्राइम कंट्रोल बोर्ड बीएचक्यू,नई दिल्ली) ने वन्य प्राणी अपराध पर विस्तृत व्याख्यान दिया. उन्होंने वन्य प्राणी की सुरक्षा,संरक्षण और तस्करी से बचाव आदि पर अपने विचार व्यक्त किए. उन्होंने कहा कि वन विभाग के साथ-साथ ईडी,सीबीआइ,सीआईएसएफ,पुलिस आदि सभी सुरक्षा बलों और एजेंसियों को मिलकर कार्य करना होगा,तभी हमारे वन्य जीव,जो प्रकृति के अनमोल देन हैं,सुरक्षित रह पाएंगे. उन्होंने भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता और भारतीय साक्ष्य अधिनियम से संबंधित प्रावधानों से संबंधित जानकारी दी और वन्यजीव अपराधों के प्रभावी अनुसंधान और अभियोजन के लिए नियमित अंतराल पर सभी विभागों के साथ बैठक करने का सुझाव दिया. वन्यजीव की सुरक्षा कैसे हो,इस पर विस्तृत व्याख्यान और पीपीटी व स्लाइड के माध्यम से भी उन्होंने अपने विचार व्यक्त किए. प्रधान मुख्य वन संरक्षक वन्य प्राणी सह मुख्य वन्य प्राणी प्रतिपालक राजीव रंजन ने कहा कि वन्य प्राणी की सुरक्षा के लिए सभी विभागों को मिलकर समन्वय स्थापित कर कार्य करने की आवश्यकता है. उन्होंने बताया कि झारखंड की भौगोलिक परिस्थिति अन्य राज्यों से भिन्न है. इस कारण इस पर विशेष कार्य नीति बनाकर कार्य करने की आवश्यकता है. झारखंड के वन्य प्राणी प्रभाग वन्य प्राणी अपराध नियंत्रण के लिए लगातार तत्पर है. मुख्य वन संरक्षक वन्य प्राणी एसआर नटेश ने झारखंड वन्य प्राणी अपराध नियंत्रण से संबंधित विस्तृत कार्य योजना का प्रदर्शन पीपीटी व स्लाइड के माध्यम से किया. उन्होंने कहा कि वन्य प्राणी अपराध की पहचान व रोकथाम के लिए समग्र रूप से कार्य किया जा रहा है. वन्य प्राणी अपराध में कमी लाने के लिए जनता के बीच जागरूकता अभियान सघन रूप से चलाने की आवश्यकता है. कई बार जनता साइबर अपराधियों और सोशल मीडिया के प्रभाव में गलत कार्य कर वन्य प्राणियों को नुकसान पहुंचाते हैं. बैठक में आरसीसीएफ डॉ. आर थांगा पांडियन,रविंद्र नाथ मिश्रा,अरविंद कुमार सिंह,एसपी एसबी,पूज्य प्रकाश एसपी सीआइडी,राहुल मीणा,नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो,पाटिल सुयोग सुभाष राव क्षेत्रीय उप निदेशक,वाइल्डलाइफ क्राइम कंट्रोल बोर्ड भोपाल,श्रीकांत वर्मा,डीएफओ रांची,पूनम ऊषरा उप निदेशक ईडी,कुमार आशीष आईएफएस,आर्जिकय बनाकर,वन प्रमंडल पदाधिकारी निदेशन एवं प्रशासन इत्यादि उपस्थित थे.

आरसीसीएफ डॉक्टर आर थांगा पांडियान,रविंद्र नाथ मिश्रा,अरविंद कुमार सिंह एसपी एसबी,पूज्य प्रकाश एसपी सीआईडी,राहुल मीणा,नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो,पाटिल सुयोग सुभाष राव क्षेत्रीय उपनिदेशक वाइल्डलाइफ क्राइम कंट्रोल बोर्ड भोपाल,श्रीकांत वर्मा डीएफओ रांची,पूनम ऊषरा उप निदेशक ईडी,कुमार आशीष आई एफ एस,अजिंक्य बनाकर,वन प्रमंडल पदाधिकारी निदेशन एवं प्रशासन,अवनीश चौधरी डीएफओ वन्य प्राणी राँची,संजय प्रसाद सहायक कमिश्नर स्टेट टैक्स,पवन कुमार मिश्रा जेबीभीएनएल,शैलेन्द्र कुमार असिस्टेंट कमांडेट सीआईएसफ,प्रदीप सिंह नेगी ए एस सी आरपीएफ रांची,अनिल कुमार सिन्हा असिस्टेंट डायरेक्टर आईबी,राहुल मीणा नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो,एयरपोर्ट सीआरपीएफ,आईबी रेलवे के उच्च पदाधिकारी ने कार्यशाला में भाग लिया तथा वन्य प्राणी संबंधित अपराध में कमी कैसे हो तथा इसकी रोकथाम कैसे हो इस पर विचार किया.

रांची से राजेश पाठक की रिपोर्ट-