जामताड़ा में साइबर अपराधियों पर शिकंजा : पांच शातिर चढ़ा पुलिस के हत्थे,बैंक अधिकारी बनकर ठगने का आरोप
जामताड़ा:साइबर अपराधी के नाम से सबसे ज्यादा जानने वाला शहर यानी जामताड़ा में अब साइबर अपराधियों की खैर नहीं. पुलिस लगातार कार्रवाई कर अपराधियोंपर शिकंजा कस रही है. पुलिस की सख्ती का साफ असर दिखने लगा है और जिले में साइबर अपराध का ग्राफ धीरे-धीरे कम होता जा रहा है. इसी कड़ी में जामताड़ा साइबर थाना पुलिस ने अलग-अलग इलाकों में छापेमारी कर पांच साइबर अपराधियों को दबोच लिया है. पुलिस ने इनके पास से बड़ी संख्या में मोबाइल, फर्जी सिम कार्ड, एटीएम कार्ड, लैपटॉप और नगद बरामद की है. रविवार को साइबर थाना में प्रेस वार्ता कर पुलिस अधीक्षक शंभू कुमार सिंह ने पूरे मामले की जानकारी दी.
गुप्त सूचना के आधार पर हुई कार्रवाई
एसपी शंभू कुमार सिंह ने बताया कि पुलिस को सूचना मिली थी कि कुछ लोग साइबर अपराध में सक्रिय हैं और लोगों को ठगी का शिकार बना रहे हैं. सूचना मिलते ही साइबर थाना प्रभारी इंस्पेक्टर राजेश कुमार मंडल के नेतृत्व में विशेष टीम बनाई गई और अलग-अलग इलाकों में छापेमारी शुरू की गई.
पुलिस टीम ने पहले कर्माटांड़ थाना क्षेत्र के मठटांड, काशीटांड और बांसपहाड़ी गांव में छापेमारी की. यहां से विष्णु मंडल, सचिन मंडल और सागर नायक को गिरफ्तार किया गया. वहीं, दूसरी कार्रवाई नारायणपुर थाना क्षेत्र के लोकानियां गांव में की गई, जहां से किशोर दास और विश्वजीत दास को पकड़ा गया. पुलिस के मुताबिक गिरफ्तार आरोपी विश्वजीत दास मूल रूप से पश्चिम बंगाल के दुर्गापुर, पश्चिम वर्धमान जिले का रहने वाला है.
बैंक अधिकारी बनकर लोगों को बनाते थे शिकार
पुलिस जांच में सामने आया कि आरोपी खुद को बैंक अधिकारी बताकर लोगों को झांसे में लेते थे. फोन कर खाते से जुड़ी जानकारी हासिल करने के बाद साइबर ठगी को अंजाम दिया जाता था. एसपी ने बताया कि इन लोगों का नेटवर्क सिर्फ झारखंड तक सीमित नहीं था, बल्कि देश के कई राज्यों में सक्रिय है. पुलिस के अनुसार गिरफ्तार आरोपी सागर नायक और विश्वजीत दास पहले भी साइबर ठगी के मामलों में गिरफ्तार हो चुके हैं. दोनों पहले जेल भी जा चुके हैं,लेकिन बाहर आने के बाद फिर से साइबर अपराध में सक्रिय हो गए थे.
मोबाइल,फर्जी सिम और नगद बरामद
छापेमारी के दौरान पुलिस ने आरोपियों के पास से बड़ी मात्रा में सामान बरामद किया है. जब्त सामान में 15 मोबाइल फोन, 14 फर्जी सिम कार्ड, चार एटीएम कार्ड, दो लैपटॉप और ₹50 हजार नकद शामिल हैं। पुलिस अब इन सभी सामानों की जांच कर रही है, ताकि साइबर अपराधियों के नेटवर्क, उनके संपर्क और ठगी के तरीके के बारे में विस्तृत जानकारी जुटाई जा सके.
इस पूरी कार्रवाई में पुलिस निरीक्षक मनीष कुमार गुप्ता, पुअनि संजय कुमार सिंह, हीरालाल महतो समेत सशस्त्र बल के जवान शामिल थे. पुलिस अब गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ कर उनके नेटवर्क और अन्य साथियों की जानकारी जुटा रही है.