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जमुई में योजना का लाभ धरातल पर फेल : सेवा पंचायत के सभी 14 वार्डों में सोलर स्ट्रीट बनी शोभा की वस्तु

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जमुई: जिले में मुख्यमंत्री ग्रामीण सोलर स्ट्रीट लाइट योजना के तहत सेवा पंचायत के सभी 14 वार्डों में कुल 140 सोलर लाइट लगाई गई हैं, लेकिन यह सोलर स्ट्रीट मानो शोभा की वस्तु बनी हुई है.ग्रामीणों का आरोप है कि इनमें से अधिकांश लाइटें कई दिनों से खराब पड़ी है. इस कारण वार्डों में अंधेरा छाया रहता है. योजना का लाभ धरातल पर ग्रामीणों को नहीं मिल पा रहा.

लगीं तो सही,पर जलीं नहीं

ग्रामीणों ने बताया कि योजना के तहत हर वार्ड में 10-10 लाइट लगाई गई हैं. पंचायत सरकार भवन के बाहर भी लाइट लगी हुई है, लेकिन जमीनीं हकीकत ये है कि इनमें से ज्यादातरलाइट जल नहीं रही है. रखरखाव के अभाव में योजना का लाभ नहीं मिल पा रहा है.

खराब पड़ी हैं लगी लाइटें

ग्रामीण गिरधारी पंडित, शंकर साव, धर्मेंद्र पंडित दामोदर पंडित समेत कई लोगों ने बताया कि लाइटें लगने के कुछ दिन बाद से ही खराब हो गई. रात होते ही वार्डों में अंधेरा छा जाता है. महिलाओं और बच्चों को आने-जाने में डर सताता है. ऐसे में असामाजिक तत्वों का खतरा भी बढ़ जाता है.

शिकायत के बाद भी सुनवाई नहीं

ग्रामीणों का आरोप है कि खराब लाइटों को लेकर कई बार मुखिया से शिकायत की गई, लेकिन अभी तक कोई सुनवाई नहीं हुई है. एजेंसी वाले भी फोन नहीं उठाते. नियम के मुताबिक 72 घंटे में लाइट ठीक होनी चाहिए, पर हफ्तों बीत गए अभी तक कोई सुधार नहीं हुआ है.

मुखिया ने भी मानी समस्या

वहीं, मुखिया रामाशीष साह ने भी बताया कि पंचायत के सभी 14 वार्डों में लाइटें लग चुकी हैं, लेकिन अधिकांश खराब हैं. इस मामले को लेकर हमने भी विभाग और एजेंसी को कई बार शिकायत की है, लेकिन अभी तक टीम मरम्मती करने नहीं आई.

एजेंसी पर उठे सवाल

योजना के तहत लाइट लगाने और 5 साल तक मेंटेनेंस की जिम्मेदारी एजेंसी की है. खराब लाइट की सूचना CMS सिस्टम से कंट्रोल रूम को अपने आप चली जाती है. 72 घंटे में मरम्मती का नियम है. देरी पर प्रति लाइट 10 रु/दिन जुर्माना भी लगना चाहिए इसके बावजूद लाइट ठीक नहीं होना एजेंसी की घोर लापरवाही है.