ग्रामीण होल्डिंग टैक्स पर सियासत तेज : पंचायती राज मंत्री दीपक प्रकाश ने विपक्ष के आरोपों को बताया दुष्प्रचार
पटना:बिहार में ग्रामीण क्षेत्रों में होल्डिंग टैक्स लागू करने के फैसले को लेकर राजनीतिक बहस तेज हो गई है. पंचायती राज विभाग की ओर से लाई गई नई नियमावली पर विपक्ष लगातार सवाल उठा रहा है,जबकि सरकार इसे ग्राम पंचायतों को आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में बड़ा कदम बता रही है.
पंचायती राज मंत्री दीपक प्रकाश ने इस मुद्दे पर विपक्ष के आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि विपक्ष नियमावली को ठीक से समझे बिना जनता के बीच भ्रम फैलाने का प्रयास कर रहा है. उन्होंने कहा कि यह टैक्स राज्य सरकार नहीं,बल्कि ग्राम पंचायतें अपने क्षेत्र की आवश्यकताओं और स्थानीय परिस्थितियों के अनुसार तय करेगी. किस परिवार से टैक्स लिया जाएगा और किसे छूट मिलेगी,इसका निर्णय सर्वे के बाद ग्राम पंचायत करेगी.
मंत्री ने स्पष्ट किया कि होल्डिंग टैक्स से प्राप्त राशि सीधे ग्राम पंचायत के पास रहेगी और उसी पंचायत के विकास कार्यों पर खर्च होगी. इस राशि का उपयोग गांव में सड़क,नाली,सफाई,पेयजल,स्ट्रीट लाइट और अन्य बुनियादी सुविधाओं को बेहतर बनाने में किया जाएगा. उन्होंने कहा कि पंचायतों के राजस्व स्रोत बढ़ाना समय की जरूरत है,ताकि वे विकास कार्यों के लिए पूरी तरह सरकार पर निर्भर न रहें.
दीपक प्रकाश ने कहा कि महात्मा गांधी का सपना ग्राम स्वराज का था और बिहार सरकार उसी दिशा में आगे बढ़ रही है. ग्राम पंचायतों को आर्थिक रूप से सक्षम और आत्मनिर्भर बनाने के उद्देश्य से यह व्यवस्था लागू की जा रही है.
मंत्री ने यह भी कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में प्रस्तावित नियमावली के तहत अधिकतम₹1200 वार्षिक कर का प्रावधान किया गया है. हालांकि वास्तविक कर का निर्धारण ग्राम पंचायत स्थानीय परिस्थितियों और सर्वे रिपोर्ट के आधार पर करेगी. उन्होंने लोगों से अपील की कि वे अफवाहों पर ध्यान न दें और नियमावली को सही संदर्भ में समझें.
पटना से संजय कुमार की रिपोर्ट-