गया जंक्शन पर सफाई व्यवस्था की खुली पोल : ट्रैक और प्लेटफॉर्म पर गंदगी, पहले के सफाईकर्मियों को हटाने पर दिख रहा असर
गयाजी : बिहार के गया जंक्शन को विश्वस्तरीय मॉडल स्टेशन बनाने का दावा फिलहाल कागजों तक ही सीमित नजर आ रहा है. जमीनी हकीकत यह है कि स्टेशन परिसर में सफाई व्यवस्था पूरी तरह चरमरा गई है. प्लेटफॉर्म, वेटिंग एरिया, रेलवे ट्रैक, शौचालय और वेटिंग रूम में गंदगी पसरी हुई है. हैरानी की बात यह है कि सफाई के लिए नया टेंडर होने के बावजूद हालात सुधरने के बजाय और बिगड़ गए हैं.
सफाईकर्मी निशा देवी एवं जनार्धन दास ने बताया कि पुराने टेंडर के तहत स्टेशन पर100से120सफाई कर्मी तीन शिफ्ट में काम करते थे,जिससे नियमित सफाई होती थी. नए टेंडर के बाद ठेकेदार ने कर्मियों की संख्या घटाकर मात्र40से50कर दी है. इसका सीधा असर सफाई व्यवस्था पर पड़ा है और स्टेशन पर बदबू व अव्यवस्था आम हो गई है.
दूसरी ओर वर्षों से काम कर रहे60से70सफाई कर्मियों को काम से हटा दिए जाने से बेरोजगारी का संकट खड़ा हो गया है. पूर्व कर्मियों का आरोप है कि उम्र का हवाला देकर उन्हें हटाया गया. महिलाकर्मियों को6हजार और पुरुष कर्मियों को9हजार रुपये मानदेय मिलता था,जिससे उनका परिवार चलता था. अब कई परिवार भुखमरी के कगार पर हैं.
पीड़ित कर्मियों ने रेलवे प्रशासन से हस्तक्षेप कर दोबारा बहाली की मांग की है.
वहीं रेलवे अधिकारी इस मामले में जवाब देने से बचते नजर आए और इसे मंडल मुख्यालय डीडीयू के अधीन बताया.
गयाजी से प्रदीप रंजन सिंह की रिपोर्ट--