सीएम हेमंत की बड़ी पहल : जमशेदपुर में बनेगा इंस्टिट्यूट ऑफ ड्राइविंग,ट्रेनिंग एंड रिसर्च (IDTR), MoU पर किए हस्ताक्षर
रांची: झारखंड सरकार और टाटा मोटर्स के बीच मंगलवार को प्रोजेक्ट भवन में इंस्टिट्यूट ऑफ ड्राइविंग, ट्रेनिंग एंड रिसर्च (IDTR) की स्थापना के लिए महत्वपूर्ण MoU पर हस्ताक्षर किए गए। मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन और परिवहन मंत्री दीपक बिरुआ की मौजूदगी में हुए इस समझौते का उद्देश्य राज्य के युवाओं को आधुनिक ड्राइविंग प्रशिक्षण देना, सड़क दुर्घटनाओं में कमी लाना और भारी वाहनों के लिए प्रशिक्षित चालकों की संख्या बढ़ाना है।
परिवहन मंत्री बोले-राज्य के चालकों को मिलेगा सीधा लाभ
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए परिवहन मंत्री दीपक बिरुआ ने कहा कि जमशेदपुर में IDTR की स्थापना राज्य के लिए ऐतिहासिक कदम है। झारखंड में खनन और भारी वाहनों का संचालन बड़े पैमाने पर होता है। ऐसे में आधुनिक प्रशिक्षण संस्थान बनने से चालकों को बेहतर प्रशिक्षण मिलेगा और सड़क दुर्घटनाओं में कमी आएगी। उन्होंने कहा कि 18 से 35 वर्ष आयु वर्ग के लोग सबसे अधिक सड़क हादसों का शिकार होते हैं, इसलिए यह संस्थान सड़क सुरक्षा की दिशा में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।
वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग से जुड़े सभी जिलों के डीसी
कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन राज्य के सभी जिलों के उपायुक्तों से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए जुड़े। इस दौरान उन्होंने कई लाभुकों के बीच ड्राइविंग लाइसेंस का वितरण भी किया। पलामू जिले में लाइसेंस वितरण कार्यक्रम के दौरान महिला ड्राइवर की अनुपस्थिति पर मुख्यमंत्री ने नाराजगी जताते हुए अधिकारियों से कारण पूछा।
सीएम बोले-वर्षों की योजना आज हुई साकार
मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने कहा कि आधुनिक ड्राइविंग ट्रेनिंग इंस्टीट्यूट की स्थापना लंबे समय से उनकी प्राथमिकता रही है। उन्होंने कहा कि झारखंड में खनन और भारी वाहनों का संचालन बड़े पैमाने पर होता है, इसलिए राज्य में इस तरह के संस्थान की आवश्यकता काफी पहले से महसूस की जा रही थी। उन्होंने कहा कि उनकी इच्छा थी कि टाटा मोटर्स के सहयोग से ही इस संस्थान की स्थापना हो और अब यह सपना साकार हो रहा है।
आधुनिक तकनीक से मिलेगी ट्रेनिंग
मुख्यमंत्री ने कहा कि विदेशों में ड्राइविंग ट्रेनिंग सेंटर अत्याधुनिक तकनीक से लैस हैं और झारखंड में भी उसी स्तर की व्यवस्था विकसित करने का प्रयास किया जाएगा। उन्होंने सड़क दुर्घटनाओं को कम करने के लिए आधुनिक तकनीक और बेहतर प्रशिक्षण व्यवस्था पर जोर दिया।
ड्राइविंग लाइसेंस प्रक्रिया होगी और आसान
सीएम ने कहा कि पहले ड्राइविंग लाइसेंस बनवाने के लिए लोगों को महीनों तक दफ्तरों के चक्कर लगाने पड़ते थे। अब प्रक्रिया को सरल बनाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि हल्के वाहन का लाइसेंस तो लोग किसी तरह बनवा लेते हैं, लेकिन भारी वाहनों के लाइसेंस के लिए लोगों को निजी संस्थानों पर निर्भर रहना पड़ता है। नए संस्थान से युवाओं को गुणवत्तापूर्ण प्रशिक्षण और वैध लाइसेंस प्राप्त करने में आसानी होगी।
रोजगार के नए अवसर खुलेंगे
हेमंत सोरेन ने कहा कि राज्य में उद्योग, खनन और परिवहन क्षेत्र में भारी वाहनों की मांग लगातार बढ़ रही है। ऐसे में प्रशिक्षित चालकों की आवश्यकता भी बढ़ेगी। IDTR की स्थापना से राज्य के युवाओं को रोजगार के बेहतर अवसर मिलेंगे और उन्हें बाहर जाने की जरूरत भी कम होगी।
प्रमाण पत्र और लाइसेंस से जुड़ी शिकायतों पर भी जताई चिंता
मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार को जाति, जन्म प्रमाण पत्र और ड्राइविंग लाइसेंस से जुड़ी शिकायतें लगातार मिलती हैं। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि आम लोगों को समय पर और बिना अनावश्यक परेशानी के सेवाएं उपलब्ध कराई जाएं।
सड़क सुरक्षा पर रहेगा विशेष फोकस
मुख्यमंत्री ने कहा कि झारखंड में तेजी से सड़कें बन रही हैं,लेकिन इसके साथ सड़क दुर्घटनाएं भी बढ़ रही हैं। ऐसे में आधुनिक ड्राइविंग प्रशिक्षण, अनुसंधान और जागरूकता के माध्यम से दुर्घटनाओं को कम करना इस संस्थान का प्रमुख उद्देश्य होगा। उन्होंने निर्माण कार्य में तेजी लाने के भी निर्देश दिए।