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BSEB 12th Result 2026

गया की बेटी ने रचा इतिहास, निशु कुमारी बनी बिहार टॉपर

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MADAN KISHORE JHAलेखक

गया जी: बिहार स्कूल एग्जामिनेशन बोर्ड द्वारा आयोजित इंटरमीडिएट परीक्षा 2026 का परिणाम सोमवार को घोषित हो गया है. गया जिले के खिजरसराय प्रखंड के यशवंत इंटर स्कूल की छात्रा निशु कुमारी ने इस बार इंटरमीडिएट परीक्षा2026में ऐसा प्रदर्शन किया है,जिसने पूरे बिहार का ध्यान अपनी ओर खींच लिया है.

निशु ने आर्ट्स संकाय में बिहार में टॉप किया है. खास बात यह है कि उसने सभी विषयों में100-100अंक हासिल कर रिकॉर्ड कायम किया है. उसकी इस सफलता ने न सिर्फ परिवार,बल्कि पूरे इलाके को गर्व का मौका दिया है.

निशु कुमारी गया जिले के खिजरसराय प्रखंड के लोदीपुर गांव की रहने वाली है. वह शुरू से ही अपने स्कूल की नियमित और मेधावी छात्रा रही है.

निशु कुमारी ने बताया कि मैट्रिक में465अंक आए थे और थोड़े अंतर से टॉप नहीं कर पाई थी. उसी दिन उसने ठान लिया था कि इंटरमीडिएट में उसे हर हाल में टॉप करना है. उसने अपने लक्ष्य को पाने के लिए पूरी ईमानदारी से मेहनत की. वह रोज करीब8घंटे पढ़ाई करती थी. ऑनलाइन प्लेटफॉर्म“टारगेट बोर्ड”के लेक्चर सुनती थी और नियमित रूप से रिवीजन व प्रैक्टिस करती थी.

आर्थिक रूप से सामान्य परिवार से आने वाली निशु के पिता किसान हैं. उसने बताया कि पढ़ाई के दौरान कई तरह की चुनौतियां सामने आईं. इंटर परीक्षा शुरू होने से20दिन पहले उसके नाना का निधन हो गया था. उस दिन वह नानी के घर गई,लेकिन उसी दिन वापस लौट आई. मां ने रोकने की कोशिश की,लेकिन उसने अपने लक्ष्य को प्राथमिकता दी. निशु कहती है कि अगर सपना बड़ा हो तो हालात से लड़ना ही पड़ता है.

निशु ने यह भी बताया कि परीक्षा देने के बाद ही उसे अपने प्रदर्शन पर भरोसा हो गया था. उसने अपने शिक्षकों से कहा था कि उसे इंटरव्यू के लिए जरूर बुलाया जाएगा.19मार्च को उसे पटना इंटरव्यू के लिए बुलाया गया. वहां से लौटने के बाद वह पूरी तरह आश्वस्त थी कि वह टॉप करेगी. रिजल्ट आने के बाद उसकी बात सच साबित हो गई.

स्कूल की प्रिंसिपल लता सिन्हा ने कहा कि निशु बेहद अनुशासित छात्रा रही है. वह नियमित रूप से क्लास करती थी और पढ़ाई को लेकर हमेशा गंभीर रहती थी. उसका कॉन्फिडेंस देखकर स्कूल का भी मनोबल बढ़ता था.

निशु की इस सफलता ने यह साबित कर दिया है कि मेहनत,अनुशासन और लक्ष्य के प्रति समर्पण हो तो किसी भी बाधा को पार किया जा सकता है.

एक किसान की बेटी ने अपने दम पर इतिहास रच दिया है,जो आने वाले समय में हजारों छात्रों के लिए प्रेरणा बनेगी.

गया से प्रदीप कुमार सिंह की रिपोर्ट--

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