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BIHAR NEWS : टीबी मुक्त बिहार की समीक्षा - 14 अगस्त तक 1 करोड़ स्क्रीनिंग का लक्ष्य

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पटना : 'टीबी मुक्त भारत अभियान'के तहत 2 जुलाई से 9 जुलाई 2026 तक की प्रगति की समीक्षा करते हुए बिहार के मुख्य सचिव प्रत्यय अमृत ने अधिकारियों को अभियान में अत्यधिक तेजी लाने और सभी निर्धारित लक्ष्यों को समय सीमा के भीतर पूरा करने के कड़े निर्देश दिए हैं.

राज्य में कुल 1 करोड़ की लक्षित आबादी में से अब तक 16 लाख (0.16 करोड़ यानी 16%) लोगों की टीबी स्क्रीनिंग सफलतापूर्वक पूरी की जा चुकी है. इस अभियान को आगामी 14 अगस्त 2026 तक शत-प्रतिशत पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है.

अभियान की मुख्य उपलब्धियां (2 जुलाई - 9 जुलाई 2026):

* जांच एवं स्क्रीनिंग: इस अवधि के दौरान संवेदनशील आबादी में 78,962 एक्स-रे किए गए और 9,946 लोगों कीNAAT (TrueNAT/CBNAAT)जांच की गई.

* उपचार एवं रोकथाम: विभेदित टीबी देखभाल (Differentiated TB Care)के तहत 1,095 मरीजों का मूल्यांकन किया गया तथा 5,573 घरेलू संपर्कों (Household Contacts)को टीबी प्रिवेंटिव ट्रीटमेंट (TPT)पर लाया गया.

* पोषण एवं सामुदायिक सहयोग: निक्षय पोषण योजना के तहत 24,673 लाभार्थियों को भुगतान किया गया,जबकि निक्षय मित्रों के सहयोग से 1,032 फूड बास्केट का वितरण किया गया. इस दौरान 2,595 नए टीबी मरीजों को अधिसूचित किया गया है.

साप्ताहिक लक्ष्य हासिल करने में सहरसा (341%),अरवल (288%),मुजफ्फरपुर (274%),औरंगाबाद (258%) और शेखपुरा (239%)शीर्ष 5 जिलों में शामिल रहे. वहीं बक्सर (17%),जमुई (25%),अररिया (29%),सीतामढ़ी (30%) और पश्चिम चंपारण (33%) का प्रदर्शन सबसे निचला रहा,जिस पर मुख्य सचिव ने गंभीर चिंता व्यक्त की है.

मुख्य सचिव प्रत्यय अमृत के प्रमुख निर्देश:

समीक्षा बैठक के अंत में मुख्य सचिव प्रत्यय अमृत ने सभी जिलाधिकारियों और स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों को निम्नलिखित दिशा-निर्देश जारी किए:

1. प्रत्येक ब्लॉक/वार्ड के लिए समर्पित नोडल अधिकारी: सभी जिलों में प्रत्येक ब्लॉक और वार्ड के लिए डिप्टी कलेक्टर (SDCs)एवं अन्य जिला स्तरीय अधिकारियों को समर्पित नोडल अधिकारी नामित किया जाए.

2. टीमों का गठन: प्रत्येक नामित नोडल अधिकारी की सहायता के लिए कम से कम 5 एनसीसी (NCC)कैडेटों और 5'माय भारत' (My Bharat)स्वयंसेवकों की एक सक्रिय टीम बनाई जाए ताकि जमीनी स्तर पर स्क्रीनिंग तेज हो सके.

3. लापरवाही पर सख्त रुख: लक्ष्य हासिल करने में पीछे चल रहे जिलों (विशेषकर बक्सर,जमुई,अररिया,सीतामढ़ी और पश्चिम चंपारण) को चेतावनी दी गई है कि वे अपनी साप्ताहिक प्रगति में तत्काल सुधार लाएं.

4. दवाओं का शत-प्रतिशत वितरण: राज्य औषधि भंडार (पटना और दरभंगा) में प्राप्त 6 लाख टीपीटी (3HP)टैबलेट्स का जिलों में शत-प्रतिशत वितरण अविलंब सुनिश्चित किया जाए.

5. एक्स-रे मशीनों को तत्काल चालू करना: राज्य में उपलब्ध 141 एआई-सक्षम हैंडहेल्ड एक्स-रे मशीनों में से 133 में एआई (AI)टूल सक्षम कर दिया गया है. अल्ट्रा-टेक लैबोरेट्रीज से टीएलडी (TLD)बैज की खरीद प्रक्रिया को दो सप्ताह के भीतर पूरा कर इन सभी मशीनों को तुरंत चालू किया जाए ताकि फील्ड में एक्स-रे जांच में कोई बाधा न आए.

पटना से संजय कुमार की रिपोर्ट-