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BIHAR NEWS : विक्रमशिला सेतु पर 7 जून से पुनः शुरु होगा वाहनों का परिचालन, प्रशासन ने की व्यापक तैयारी

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भागलपुर : विक्रमशिला सेतु के क्षतिग्रस्त हिस्से की मरम्मत एवं तकनीकी परीक्षण कार्य पूर्ण होने के बाद आगामी 07 जून, 2026 से सेतु पर पुनः वाहनों का परिचालन शुरु किया जाएगा. जिला पदाधिकारी डॉ. नवल किशोर चौधरी एवं वरीय पुलिस अधीक्षक प्रमोद कुमार यादव ने शुक्रवार को भागलपुर के समीक्षा भवन में प्रेस कांफ्रेंस कर इस बात की जानकारी दी है.

जिलाधिकारी ने बताया कि सेतु की संरचनात्मक सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए विभिन्न स्तरों पर सफल ट्रायल किए जा चुके हैं. आगामी 06 जून की संध्या को चिकित्सकों,मीडिया प्रतिनिधियों एवं प्रशासनिक अधिकारियों की उपस्थिति में एक अंतिम परीक्षण किया जाएगा. इसके उपरांत 07 जून को प्रातः लगभग 11:00 बजे से सेतु पर यातायात का संचालन प्रारंभ कर दिया जाएगा.

उन्होंने बताया कि प्रारंभिक चरण में सेतु की एक लेन (लगभग 5 मीटर चौड़ी) को यातायात हेतु खोला जाएगा. इस मार्ग से केवल छोटे एवं मध्यम श्रेणी के वाहन,जिनकी भार वहन क्षमता अधिकतम 10 टन होगी,परिचालित किए जाएंगे. आम नागरिकों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए ट्रैकर,मैजिक,छोटे यात्री वाहन तथा पिकअप वैन जैसे हल्के मालवाहक वाहनों को प्राथमिकता प्रदान की जाएगी.

जिलाधिकारी ने स्पष्ट किया कि मुख्यमंत्री के निर्देशानुसार वर्तमान में संचालित सभी नाव सेवाएं पूरी तरह निःशुल्क रहेंगी. नाव संचालकों को होने वाले व्यय एवं क्षति की प्रतिपूर्ति प्रशासन द्वारा की जाएगी. यदि किसी नाविक द्वारा यात्रियों से अवैध रूप से राशि वसूले जाने की शिकायत प्राप्त होती है,तो संबंधित व्यक्ति के विरुद्ध प्राथमिकी दर्ज करते हुए उसकी नाव को जब्त करने की कार्रवाई की जाएगी.

सुरक्षा एवं यातायात प्रबंधन की विशेष व्यवस्था

यातायात व्यवस्था को सुचारू एवं सुरक्षित बनाए रखने के लिए सेतु के दोनों छोरों—महादेवपुर घाट एवं बरारी घाट—पर दंडाधिकारी,पर्याप्त संख्या में पुलिस बल तथा क्विक रिस्पांस टीम (QRT)की तैनाती की गई है. पूरे क्षेत्र की निगरानी ड्रोन कैमरों एवं सीसीटीवी कैमरों के माध्यम से चौबीसों घंटे कंट्रोल रूम से की जाएगी.

यातायात संचालन के लिए वन-वे प्रणाली लागू की जाएगी तथा रेड एवं ग्रीन सिग्नल आधारित ट्रैफिक लाइट व्यवस्था का उपयोग किया जाएगा. पुलिस बल की तैनाती तीन पालियों में की जाएगी,ताकि चौबीसों घंटे प्रभावी निगरानी एवं नियंत्रण सुनिश्चित किया जा सके.

जिलाधिकारी एवं पुलिस प्रशासन ने आम नागरिकों से धैर्य एवं अनुशासन बनाए रखने की अपील की है. उन्होंने कहा कि सेतु पर निर्धारित कतार व्यवस्था (Queue System)का पूर्णतः पालन करें तथा किसी भी प्रकार की अफरातफरी से बचें.

उन्होंने यह भी कहा कि यदि कोई नाविक अथवा असामाजिक तत्व अवैध राशि की मांग करता है अथवा यातायात व्यवस्था में बाधा उत्पन्न करता है,तो उसकी वीडियो रिकॉर्डिंग कर तत्काल मौके पर तैनात दंडाधिकारी अथवा पुलिस अधिकारियों को उपलब्ध कराएं,ताकि उसके विरुद्ध त्वरित एवं कठोर कानूनी कार्रवाई की जा सके.

प्रशासन का उद्देश्य आमजन को सुरक्षित,सुगम एवं व्यवस्थित आवागमन की सुविधा उपलब्ध कराना है. इसके लिए सभी आवश्यक तैयारियां पूरी कर ली गई हैं.

इस अवसर पर वरीय पुलिस अधीक्षक,प्रमोद कुमार यादव ने बताया कि पुल निर्माण का कार्य पूरा हो चुका है और ट्रायल रन के बाद इसे आम लोगों के लिए खोल दिया जाएगा. यातायात वन-वे व्यवस्था के तहत संचालित होगा तथा दोनों छोरों पर 24 घंटे पुलिस बल तैनात रहेगा. ट्रैफिक नियंत्रण के लिए लाल और हरे सिग्नल की भी व्यवस्था की जा रही है.

प्रशासन ने बताया कि शुरुआती दिनों में यातायात व्यवस्था की निगरानी के लिए शिफ्टवार पुलिसकर्मियों की तैनाती होगी. आम जनता से अपील की गई है कि वन-वे ट्रैफिक के कारण 5 से 10 मिनट की संभावित प्रतीक्षा के दौरान धैर्य रखेंगे और पुलिस प्रशासन का सहयोग करेंगे.