BIHAR NEWS : बिहार में गांव-गांव तैयार हो रहे ‘सब्जी गुरु’, किसानों को सिखाएंगे कमाई के नए तरीके
पटना: सब्जी उत्पादक किसानों को संगठित,प्रशिक्षित एवं आर्थिक रूप से सशक्त बनाने के लिए पटना स्थित दीप नारायण सिंह क्षेत्रीय प्रबंधन संस्थान में चल रहा तीन दिवसीय मास्टर ट्रेनरों का प्रशिक्षण कार्यक्रम गुरुवार को समाप्त हो गया. इस अवसर पर सहकारिता मंत्री राम कृपाल यादव ने सभी मास्टर ट्रेनरों को प्रशिक्षण प्रमाण-पत्र प्रदान किया. प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन सहकारिता विभाग के बिहार राज्य सब्जी प्रसंस्करण एवं विपणन सहकारी परिसंघ लिमिटेड (वेजफेड) की ओर से किया गया.
इस मौके पर सहकारिता मंत्री ने कहा कि यहां प्रशिक्षित सभी मास्टर ट्रेनर केवल प्रशिक्षण देने भर तक सीमित नहीं रहेंगे,बल्कि गांवों में बदलाव लाने का भी प्रयास करेंगे. प्रशिक्षण में केवल किताबी बातें ही नहीं,बल्कि बेहतर फसल प्रबंधन,मोबाइल ऐप और डिजिटल भुगतान जैसी जानकारियां भी दी गई हैं. सभी मास्टर ट्रेनर किसानों को नई जानकारी और नई तकनीक से जोड़ने का दायित्व निभाएंगे. आज के समय में किसानों को आधुनिक तकनीक से जोड़ना जरूरी है. सहकारिता के जरिए सब्जी उत्पादक किसानों का सशक्तिकरण किया जाएगा.
सहकारिता विभाग के प्रयास से अब तक 256 मास्टर ट्रेनरों को प्रशिक्षित किया जा चुका है. इसके अतिरिक्त 302 पीवीसीएस अध्यक्ष,296 सहायक प्रबंधक,99 सब्जी पर्यवेक्षक तथा 3,624 बोर्ड सदस्यों को भी प्रशिक्षण प्रदान किया जा रहा है. मास्टर ट्रेनरों को वैज्ञानिक खेती,उन्नत फसल प्रबंधन,कृषि आधारित मोबाइल ऐप्स,डिजिटल भुगतान प्रणाली एवं आधुनिक डिजिटल साक्षरता का प्रशिक्षण दिया गया है,ताकि किसान तकनीकी रूप से सक्षम होकर प्रतिस्पर्धी बाजार में अपनी उपज का बेहतर मूल्य प्राप्त कर सकें.
उन्होंने कहा कि सबसे बड़ी उपलब्धि यह है कि प्रशिक्षित मास्टर ट्रेनरों ने विकेंद्रीकृत व्यवस्था के तहत गांवों में पहुंचकर अब तक 11,158 किसानों को प्रशिक्षण प्रदान किया है. इससे ग्रामीण स्तर पर सहकारिता आधारित कृषि प्रबंधन को नई मजबूती मिली है. विकसित बिहार बनाने के लिए किसानों को विकसित करना होगा. जब किसान की मेहनत का सही मूल्य मिलेगा,तभी विकसित बिहार का सपना पूरा होगा.
इस अवसर पर सहकारिता विभाग के सचिव धर्मेंद्र सिंह ने कहा कि लोगों में सहकारी समितियों के बारे में जानकारी का अभाव है. सभी मास्टर ट्रेनर अपने प्रखंड में जाकर किसानों से जुड़ें और उन्हें प्रशिक्षित करें.
लगातार प्रशिक्षण से अब समितियों में लोगों की संख्या बढ़ रही है. वेजफेड के माध्यम से सब्जियों के उत्पादन और व्यापार को बढ़ावा दिया जा रहा है. जिस तरह राज्य में कॉम्फेड के माध्यम से दूध का सफल व्यवसाय हो रहा है,उसी तरह वेजफेड के माध्यम से सब्जियों का सफल व्यवसाय किया जाएगा. सुधा की तर्ज पर सब्जी बूथ बनाए जाएंगे.
इस मौके पर सहकारिता विभाग के निबंधक, सहयोग समितियां, रजनीश कुमार सिंह ने कहा कि सब्जी उत्पादक समितियां शुद्धता का ध्यान रखें और ज्यादा से ज्यादा लोगों को जोड़ें, जिससे निर्यात को बढ़ावा मिले.