BIHAR NEWS : निजी तालाब पर सरकारी राशि से सीढ़ी बनवाना गैरकानूनी - पटना HC
Patna : पटना हाईकोर्ट नेनिजी तालाब में सरकारी राशि से सीढ़ी बनवाने के मामले में सख्त रुख अपनाया है. जस्टिस राजीव रॉय की पीठ ने निर्माण को गलत ठहराते हुए संबंधित अधिकारी की जिम्मेदारी तय कर सरकारी राशि की वसूली का आदेश दिया है.
कोर्ट ने स्पष्ट किया कि वसूली के लिए पारिवारिक बंटवारा मुकदमे के अंतिम फैसले का इंतजार नहीं किया जा सकता.
ये मामला सीतामढ़ी के सुप्पी थाना क्षेत्र के ददनचक गांव का है. याचिकाकर्ता यशवंत कुमार की ओर से अधिवक्ता विपिन कुमार ने पक्ष रखा. आरोप था कि विभाग ने निजी तालाब में सरकारी पैसे से सीढ़ी बनवा दी. पहले कोर्ट ने 4 अगस्त,2025 को कलेक्टर को मामले पर निर्णय लेने का निर्देश दिया था.
कलेक्टर ने 13 दिसंबर,2025 के आदेश में माना कि जमीन का पारिवारिक बंटवारा अभी नहीं हुआ है और तालाब में सीढ़ी निर्माण की जरूरत नहीं थी. हालांकि उन्होंने वसूली को बंटवारा मुकदमे के फैसले से जोड़ दिया था.
हाईकोर्ट ने इसे स्वीकार नहीं किया. कोर्ट ने 2014 के सरकारी प्रस्ताव का हवाला देते हुए कहा कि तालाब विकास योजना केवल सार्वजनिक तालाबों के लिए है,निजी तालाबों के लिए नहीं. कलेक्टर को तीन महीने में जिम्मेदार अधिकारी तय कर राशि सरकारी खजाने में जमा कराने का आदेश दिया गया है. सीढ़ी हटाने पर उसका खर्च भी दोषी अधिकारियों से वसूला जाएगा.
पटना से आनंद वर्मा की रिपोर्ट--