BIHAR NEWS : हाईकोर्ट ने दोषसिद्धि के मामले पर सुनाया फैसला,निचली अदालत द्वारा दी गई सजा को किया रद्द

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पटना: पटना हाईकोर्ट ने आर्म्स एक्ट और भारतीय दंड संहिता की धारा 414 के तहत दोषसिद्धि के एक मामले पर फैसला सुनाते हुए निचली अदालत द्वारा दी गई सजा को रद्द कर दिया है.जस्टिस आलोक कुमार पांडेय की एकलपीठ ने आपराधिक अपील (एसजे) संख्या 756/2009 पर सुनवाई करते हुए कहा कि अभियोजन पक्ष आरोपों को संदेह से परे साबित करने में असफल रहा है.

बता दें किये मामला गोपालगंज जिले के कटेया थाना कांड संख्या 74/2006 से जुड़ा है. धमलु पांडेय उर्फ अजय कुमार पांडेय को अवैध हथियार रखने और चोरी की संपत्ति रखने के आरोप में वर्ष 2009 में दोषी ठहराते हुए सात वर्ष तक की कठोर कारावास की सजा दी गई थी.निचली अदालत ने आर्म्स एक्ट की धाराओं 25(1-बी)(ए), 26(1), 26(2) और आईपीसी की धारा 414 के तहत सजा सुनाई थी.

हाईकोर्ट ने निचली अदालत के फैसले को खारिज कर दिया. हाईकोर्ट ने अपने फैसले में कहा कि अभियोजन ने बरामदगी सूची के दोनों स्वतंत्र गवाहों की परीक्षा नहीं कराई गई. साथ ही मामले के आइओ को भी गवाही के लिए प्रस्तुत नहीं किया गया. जिससे बचाव पक्ष को गंभीर पूर्वाग्रह हुआ.अदालत ने आर्म्स की जांच को लेकर भी अभियोजन पर सवाल उठाए. कोर्ट ने कहा कि हथियारों की केवल भौतिक जांच की गई, फायरिंग टेस्ट नहीं हुआ.

ऐसे में हथियारों को ‘कार्यशील’ मानने का निष्कर्ष अविश्वसनीय है. हाईकोर्ट के अनुसार, सैंक्शन आदेश यांत्रिक ढंग से पारित किया गया.इन सभी तथ्यों को ध्यान में रखते हुए हाईकोर्ट ने निचली अदालत के दोष सिद्धि और सजा के आदेश को निरस्त कर दिया और अपील स्वीकार करते हुए आरोपी को सभी आरोपों से बरी कर दिया.