BIHAR NEWS : कोर्ट को बम से उड़ाने की धमकी मामले पर पटना HC के अधिवक्ता ने सरकार से ठोस कदम उठाने की मांग की
पटना: बिहार के पटना सिविल कोर्ट समेत अन्य कोर्ट को लगातार बम से उड़ाने की धमकी मिलती रही है. पटना हाईकोर्ट के वरीय अधिवक्ता योगेश चंद्र वर्मा ने इस स्थिति को काफी गंभीर मानते हुए राज्य सरकार से मांग की है कि इसके लिए प्रभावशाली और ठोस कदम उठाये.
उन्होंने कहा कि रोज रोज इस तरह की धमकियों से न सिर्फ भय का वातावरण बनता है,बल्कि न्यायिक व्यवस्था में भी रुकावट पैदा होती है.
उन्होंने युवा अधिवक्ताओं के कल्याण के मुद्दे को उठाते हुए कहा कि विधि व्यवसाय में नए अधिवक्ताओं को सरकार की ओर से आर्थिक सहायता मिलनी चाहिए. उन्होंने राज्य सरकार से मांग की है कि पूर्व में राज्य सरकार द्वारा घोषित युवा अधिवक्ताओं को प्रति माह पांच हजार रुपये मानदेय का भुगतान तुरन्त किया जाय.
उन्होंने बिहार सरकार से राज्य के सभी38जिलों के सिविल कोर्टों एवं102अनुमंडलीय कोर्टों के पुराने भवनों की मरम्मती,नये भवनों के निर्माण,पुस्तकालयों,इलेट्रॉनिक उपकरणों के लिए बजट में पांच सौ करोड़ रुपये की व्यवस्था पर विचार करने की मांग की.
साथ ही महिला अधिवक्ताओं,गवाहों के लिए बुनियादी सुविधाओं की व्यवस्था की जाय,जैसे पेयजल,शौचालय आदि. उन्होंने बताया कि पटना हाईकोर्ट में अधिवक्ताओं के बैठने के लिए राज्य सरकार ने शताब्दी भवन का निर्माण कराया.
इस भवन के निर्माण के लिए जारी दस करोड़ सोलह लाख रुपए में से सात करोड़ रुपये खर्च हुए. एसी,इलेक्ट्रॉनिक व अन्य सम्बन्धित उपकरणों आदि के लिए निर्धारित तीन करोड़ सोलह लाख रुपए खर्च नहीं हुए हैं.
बिजली के अभाव के कारण भवन का पूर्ण उपयोग नहीं हो रहा है. बचे हुए कार्य शीघ्र पूरा कराया जाय. बिजली बिल का भुगतान पटना हाईकोर्ट के मातहत किया जाय.
उन्होंने कहा कि1जुलाई,2024से लागू तीनों आपराधिक कानूनों कामकाज की समीक्षा हेतु राज्य सरकार एक उच्चाधिकार प्राप्त कमिटी गठित करें.
राज्य सरकार को आगामी बजट में निम्न प्रावधानों के साथ एक विधेयक पेश करने की घोषणा पर विचार करना चाहिए.
चिकित्सा बीमा बिहार में प्रत्येक अधिवक्ता के लिए पांच लाख रुपये का चिकित्सा बीमा का कवर प्रदान किया जाय. इसका महत्वपूर्ण लाभ है कि इससे सुनिश्चित होगा कि अधिवक्ताओं को बिना अतिरिक्त खर्च आवश्यक स्वास्थ्य सेवा पा सके.
सेवानिवृत अधिवक्ताओं को उनके बाद के वर्ष में वित्तीय सुरक्षा के लिए मासिक पेंशन प्रदान किया जाना चाहिए. बिहार राज्य बार काउंसिल द्वारा संचालित पेंशन योजना को प्रभावशाली बनाने के लिए राज्य सरकार द्वारा बिहार राज्य बार कॉउन्सिल को तत्काल25करोड़ रुपये दिये जाय.
उन्होंने बताया कि इस सम्बन्ध में अधिवक्ताओं का एक शिष्टमंडल शीघ्र ही मुख्यमंत्री,विधि मंत्री व अन्य सम्बन्धित अधिकारियों से मिलेगा.