BIHAR NEWS : बिहार में आंगनबाड़ी के 59 लाख से अधिक बच्चों का बना हेल्थ कार्ड
पटना : राज्य सरकार आंगनबाड़ी केंद्रों में पंजीकृत सभी बच्चों का हेल्थ कार्ड बनवा रही है. इस मुहिम के तहत सभी बच्चों के स्वास्थ्य की समुचित जांच कर उनकी समुचित रिपोर्ट तैयार की जा रही है. इस हेल्थ कार्ड की मदद से बच्चों को मेडिकल कॉलेज अस्पतालों,सरकारी पीएचसी और जिला/ब्लॉक अस्पतालों में मुफ्त इलाज की सुविधा उपलब्ध होगी. राज्य में कुल1लाख15हजार आंगनबाड़ी केंद्रों में अभी90लाख बच्चे पंजीकृत हैं. इनमें से अब तक57.82प्रतिशत यानी59लाख35हजार188बच्चों का हेल्थ कार्ड बन चुका है. जनवरी2025में सिर्फ3प्रतिशत बच्चों के पास हेल्थ कार्ड था. हेल्थ कार्ड बनने के बाद लगभग30प्रतिशत अभिभावकों को अपने बच्चों के इलाज में मदद मिल चुकी है. अधिक से अधिक बच्चों को इस सुविधा से जोड़ने के लिए आंगनबाड़ी केंद्रों पर नियमित कैंप आयोजित किए जा रहे हैं,जिसमें0से6वर्ष तक के सभी बच्चों का हेल्थ कार्ड बनाया जा रहा है. इस हेल्थ कार्ड से बच्चे के स्वास्थ्य का रिकार्ड ऑनलाईन सुरक्षित रहता है.
हेल्थ कार्ड की मदद से सभी सरकारी अस्पतालों (पीएचसी एवं ब्लॉक अस्पताल) में मुफ्त इलाज और दवाइयां मिलती हैं. इसके अलवा हर छह महीने में बच्चे की नियमित स्वास्थ्य जांच -वजन,ऊंचाई,कान-नाक-गला और दांतों की जांच,गंभीर बीमारियों जैसे हृदय में छेद का मुफ्त इलाज,आवश्यकता पड़ने पर उच्च केंद्रों में रेफरल सुविधा,कुपोषित बच्चों की आसानी से पहचान और समय पर उपचार जैसी सुविधाएं उपलब्ध है.
आंगनबाड़ी केंद्रों में आने वाले बच्चों की उम्र काफी छोटी होती है. इससे इनके बीमार पड़ने की संभावनाएं भी काफी रहती है. हेल्थ कार्ड बनने से उनके किसी तरह के इलाज में परिवार को आर्थिक बोझ नहीं उठाना पड़ता है. अधिकांश आंगनबाड़ी के बच्चों का आधार कार्ड अभी तक नहीं बना है. इसलिए फिलहाल माता-पिता के आधार कार्ड के सत्यापन के आधार पर ही बच्चों को इस योजना का लाभ दिया जा रहा है. सरकार का प्रयास है कि जल्द से जल्द सभी90लाख बच्चों का हेल्थ कार्ड तैयार हो जाए,ताकि कोई भी बच्चा स्वास्थ्य सेवाओं की कमी के कारण परेशानी न झेले.