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BIHAR NEWS : अब नहीं हो रहा छात्रों का पलायन, राज्य में मिल रही बेहतर शिक्षा – उपमुख्यमंत्री विजय चौधरी

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पटना : राज्य से पढ़ाई खासकर तकनीकी विषयों में उच्च शिक्षा के लिए छात्रों का पलायन अब तकरीबन बंद हो गया है. इसकी मुख्य वजह यहीं छात्रों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा मिल रही है. जिससे उन्हें बेहतर रोजगार के अवसर मिल रहे हैं. राज्य में शीघ्र ही मंत्रीपरिषद का विस्तार होगा. पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के कार्यों और नीतियों को नये मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने आगे बढ़ाने का निर्णय लिया है. उस पर कार्य भी शुरू हो गए है. ये बातें उप-मुख्यमंत्री सह विज्ञान, प्रावैधिकी एवं तकनीकी शिक्षा विभाग के मंत्री विजय कुमार चौधरी ने बुधवार को सूचना भवन के संवाद कक्ष में आयोजित प्रेस वार्ता में कही.

गुणवत्तापूर्ण तकनीकी शिक्षा के लिए बहाल होंगे शिक्षक

राजकीय अभियंत्रण महाविद्यालयों में कुल स्वीकृत पद3406है,जिसके विरूद्ध कुल1616नियमित शिक्षक कार्यरत है तथा906पदों पर नियुक्ति के लिए बिहार लोक सेवा आयोग को अधियाचना भेजी जा चुकी है. इसके अलावा राजकीय पोलिटेकनिक संस्थानों में कुल स्वीकृत पद2480है,जिसके विरूद्ध कुल1001नियमित शिक्षक कार्यरत हैं तथा273पदों पर नियुक्ति हेतु बिहार लोक सेवा आयोग को अधियाचना भेजी जा चुकी है. राजकीय अभियंत्रण महाविद्यालयों एवं राजकीय पोलिटेकनिक संस्थानों में अनुदेशक के पद पर नियुक्ति हेतु कुल723पदों एवं प्रयोगशाला सहायक के पद पर नियुक्ति हेतु कुल1093पदों का विज्ञापन,बिहार तकनीकी सेवा आयोग के स्तर से प्रकाशित किया जा चुका है. उपमुख्यमंत्री ने कहा कि कॉलेजों में सेटर ऑफ एक्सीलेंस बनाया गया है. उन कॉलेजों में पढ़ाई की गुणवत्ता बढ़ाई गई है. इसका परिणाम है कि उसकी मांग बढ़ गई है.

विभागाधीन संस्थानों में छात्र-छात्राओं हेतु स्वीकृत सीटों की संख्याराजकीय अभियंत्रण महाविद्यालयों में शैक्षणिक सत्र2025-26के लिए कुल स्वीकृत सीटों की संख्या14553है. इसी प्रकार राजकीय पोलिटेकनिक संस्थानों में कुल स्वीकृत सीटों की संख्या17243है. साथ ही कुल10राजकीय अभियंत्रण महाविद्यालयों में स्नातकोत्तर (एमटेक) विभिन्न पाठ्यक्रमों में कुल612सीटों पर शैक्षणिक सत्र2024-25से पठन-पाठन प्रारम्भ है.

उद्योग के मांग के अनुरूप वर्तमान में राजकीय अभियंत्रण महाविद्यालयों के चार वर्षीय पाठ्यक्रमों में कुल33विधाओं में पठन-पाठन का कार्य किया जा रहा है तथा राजकीय पोलिटेकनिक संस्थानों के तीन वर्षीय पाठ्यक्रमों में कुल26विधाओं में पठन-पाठन का कार्य किया जा रहा है.

उच्चस्तरीय "सेंटर ऑफ एक्सेलेंस" की स्थापना

सचिव ने बताया कि सुशासन के कार्यक्रम (2020-25)के तहत सात निश्चय-2के अन्तर्गत सभी राजकीय पोलिटेकनिक संस्थान में उभरते हुए तकनीक में उच्चस्तरीय‘सेंटर ऑफ एक्सेलेंस’आईआईटी,पटना के सहयोग से संचालित है. प्रथम चरण में ये‘सेंटर ऑफ एक्सेलेंस’इलेक्ट्रीकल व्हीकिल,आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस इन्टरनेट ऑफ थिंग्स,रोबोटिक्स, 3डी प्रिन्टिंग,ड्रोन टेक्नोलॉजी इत्यादि के क्षेत्र में विकसित किए गए हैं,जिसकी कुल लागत कुल राशि97करोड़ है. दूसरे चरण में ट्रांसफॉर्मर निर्माण एवं मरम्मति तथा ऑप्टिकल फाईबर को शामिल किया गया है जिसकी कुल लागत राशि122.86करोड़ है. द्वितीय चरण में कुल33सेंटर ऑफ एक्सेलेंस में अब तक23का निर्माण पूरा कर लिया गया है. शेष10का कार्य शीघ्र ही पूर्ण कर लिया जाएगा.

अत्याधुनिक तारामंडल और साइंस सेंटर की स्थापना

सचिव लोकेश कुमार सिंह ने कहा कि राज्य के तीन जिलों पूर्वी चम्पारण,जमुई एवं पूर्णिया में डिजिटल तारामंडल / स्पेस एण्ड एस्ट्रोनोमी एडुकेशन सेंटर की स्थापनार्थ कुल अनुमानित व्यय कुल राशि रू०39.00करोड़ मात्र की प्रशासनिक स्वीकृति वित्तीय वर्ष2025-26में प्रदान की गई है तथा वित्तीय वर्ष2026-27में निर्माण कार्य आरम्भ करने का लक्ष्य है. इसके अलावा रीजनल साइंस सेंटर,गया में फन साइंस एंड टेक्नोलॉजी हेरिटेज,चिल्ड्रेन गैलरी के साथ-साथ अत्याधुनिक उपकरणों से लैश मल्टी डाइमेंशनल प्रयोगशाला का निर्माण कराया गया है.

वर्ष2025-26में मिला15246बच्चों को रोजगार

विभागीय सचिव लोकेश कुमार सिंह ने बताया कि राजकीय इंजीनियरिंग और पोलिटेक्निक कॉलेजों के छात्रों को ससमय रोजगार मुहैया कराने के लिए राज्य स्तर पर नियोजन कमिटी एवं संस्थान स्तर पर नियोजन सेल संचालित है. राज्य सरकार के इन्हीं प्रयासों से राजकीय अभियंत्रण महाविद्यालयों एवं राजकीय पोलिटेकनिक संस्थान के छात्र/छात्राओं का नियोजन आज देश के प्रतिष्ठित संस्थानों में हो रहा है. वर्ष2025-26में करीब15हजार246बच्चों को विभिन्न निजी कंपनियों में रोजगार मिले हैं. इस मौके पर राज्य वैधिक शिक्षा पर्षद सचिव सह निदेशक अहमद महमुद,तकनीकी विश्वविद्यालय के कुलपति सहित अन्य पदाधिकारी मौजूद थे.