BIHAR NEWS : भरत तिवारी मामले में आंदोलन तेज करने का ऐलान, 17 जुलाई को जंतर-मंतर पर होगा प्रदर्शन
आरा : भोजपुर जिले के शाहपुर थाना क्षेत्र के बिलौटी गांव में भरत भूषण तिवारी की तेरहवीं के अवसर पर आयोजित प्रेस वार्ता में आंदोलन को राष्ट्रीय स्तर पर ले जाने का ऐलान किया गया. प्रेस वार्ता में सुप्रीम कोर्ट के अधिवक्ता अनिल मिश्रा, 'वीर शहीद भरत तिवारी न्याय संघर्ष मोर्चा' के संयोजक पंकज त्रिपाठी तथा हाईकोर्ट के अधिवक्ता एवं क्षत्रिय करणी सेना के राष्ट्रीय संयोजक डॉ. अनिल कुमार सिंह ने न्याय मिलने तक आंदोलन जारी रखने की घोषणा की.
सुप्रीम कोर्ट के अधिवक्ता अनिल मिश्रा ने कहा कि 17 जुलाई को दिल्ली के जंतर-मंतर पर शांतिपूर्ण धरना-प्रदर्शन किया जाएगा. उन्होंने बताया कि देशभर में हस्ताक्षर अभियान चलाकर प्रधानमंत्री और राष्ट्रपति को ज्ञापन सौंपा जाएगा. उन्होंने न्यायिक जांच पर सवाल उठाते हुए कहा कि मामले में भारतीय न्याय संहिता की हत्या से संबंधित धाराओं के तहत प्राथमिकी दर्ज होनी चाहिए. साथ ही एसपी समेत सभी संबंधित पुलिस अधिकारियों की भूमिका की निष्पक्ष जांच तथा जांच की निगरानी किसी सिटिंग जज से कराने की मांग की. उन्होंने कहा कि संबंधित पुलिसकर्मियों को पहले निलंबित कर उनके खिलाफ कार्रवाई की जानी चाहिए.
'वीर शहीद भरत तिवारी न्याय संघर्ष मोर्चा'के संयोजक पंकज त्रिपाठी ने कहा कि सरकार को 30 जून तक कार्रवाई के लिए समय दिया गया था,लेकिन अब तक कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया. इसलिए सभी संगठनों की सहमति से आंदोलन को राष्ट्रीय स्तर पर ले जाने का निर्णय लिया गया है. उन्होंने बताया कि 17 जुलाई को जंतर-मंतर पर श्रद्धांजलि सभा और प्रदर्शन होगा. इसके लिए गांव-गांव और शहर-शहर हस्ताक्षर अभियान शुरू किया गया है. उन्होंने कहा कि पहले बिहार विधानसभा घेराव की योजना थी,लेकिन बाद में निर्णय लिया गया कि मामले को सीधे प्रधानमंत्री और राष्ट्रपति के समक्ष उठाया जाएगा.
पंकज त्रिपाठी ने बताया कि आंदोलन के संचालन के लिए'वीर शहीद भरत तिवारी न्याय संघर्ष मोर्चा'का गठन किया गया है. इसके तहत 18 समितियां बनाई गई हैं,जिनमें फिलहाल न्याय से जुड़ी समिति सक्रिय रहेगी. 21 अधिवक्ताओं की कानूनी समिति गठित की गई है,जिसके वह स्वयं संयोजक हैं,जबकि भरत तिवारी के पिता काशीनाथ तिवारी को उप-संयोजक बनाया गया है. उन्होंने कहा कि आंदोलन पूरी तरह संवैधानिक और शांतिपूर्ण तरीके से चलाया जाएगा.
वहीं,हाई कोर्ट के अधिवक्ता एवं क्षत्रिय करणी सेना के राष्ट्रीय संयोजक डॉ. अनिल कुमार सिंह ने कहा कि संगठन कानूनी और संवैधानिक दायरे में रहकर न्याय की लड़ाई लड़ेगा. उन्होंने कहा कि परिवार की मूल तहरीर के आधार पर प्राथमिकी दर्ज कराने के लिए कानूनी प्रयास किए जाएंगे. साथ ही हत्या से जुड़े साक्ष्यों के संकलन के लिए संगठन ने अलग टीम गठित की है. उन्होंने कहा कि दोषियों को कानून के तहत कठोर सजा दिलाने के लिए अदालत में मजबूत पैरवी की जाएगी और आंदोलन कानूनी मोर्चे पर भी जारी रहेगा.
प्रेस वार्ता में तीनों वक्ताओं ने कहा कि भरत तिवारी मामले में न्याय मिलने तक आंदोलन और कानूनी लड़ाई दोनों समानांतर रूप से जारी रहेंगे. 17 जुलाई को दिल्ली के जंतर-मंतर पर प्रस्तावित कार्यक्रम को आंदोलन का अगला बड़ा चरण बताया गया.
आरा से विवेक कुमार सिंह की रिपोर्ट