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BIHAR NEWS : राजस्व बढ़ाने और अवैध खनन रोकने को सख्त नियम, बढ़ी निगरानी और ताबड़तोड़ कार्रवाई

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पटना: बिहार में खनन विभाग में पारदर्शिता के लिए राज्य सरकार लगातार काम कर रही है. इसी क्रम में किशनगंज जिले में एक ट्रैक्टर जब्त कर दो व्यक्तियों को गिरफ्तार किया गया. वहीं बांका जिले में पीला बालू लदे एक ट्रैक्टर,कटिहार में मिट्टी लदे एक ट्रैक्टर एवं गया जिले में बालू लदे एक ट्रैक्टर को जब्त किया गया. इसके अलावा नालंदा जिले में बालू और पत्थर लदे दो ट्रैक्टर तथा पूर्वी चंपारण जिले में स्टोन चिप्स लदे एक ट्रैक्टर को भी विभाग की टीम ने जब्त किया.

यह पिछले कुछ दिनो में खान एवं भूतत्व विभाग की ओर से लगातार छापेमारी कर अवैध खनन एवं खनिजों के अवैध परिवहन पर रोक लगाने की कार्रवाई की गई है. विभाग की इस कार्रवाई से अवैध रूप से खनिजों का परिवहन करने वालों में हड़कंप मचा हुआ है. बिहार को देश के अग्रणी खनिज एवं खनन राज्यों की श्रेणी में स्थापित करने की दिशा में अवैध खनन को रोकना बहुत जरूरी है.

कोयला एवं खान मंत्रालय,भारत सरकार द्वारा आयोजित महत्वपूर्ण एवं सामरिक खनिज ब्लॉकों की नीलामी एवं एन०एम०ई०डी०टी० कार्यशाला में मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने कहा कि,”खनिजों से प्राप्त रॉयल्टी का उपयोग बिहार की जनता के हित एवं राज्य के विकास के लिए किया जाएगा. खनिज संपदा का किसी भी स्तर पर दुरुपयोग नहीं होने दिया जाएगा.”

गौरतलब है कि खान एवं भूविज्ञान विभाग ने खनन गतिविधियों की निगरानी को और मजबूत बनाने के लिए 1000 माइनिंग कांस्टेबलों की विशेष टीम गठित करने का फैसला किया है. सरकार की नई योजना के तहत भर्ती होने वाले माइनिंग कांस्टेबलों को खनन क्षेत्रों,चेक पोस्टों और संवेदनशील इलाकों में तैनात किया जाएगा.

इनका मुख्य उद्देश्य अवैध बालू,पत्थर और अन्य खनिजों के खनन तथा अवैध परिवहन पर प्रभावी निगरानी रखना होगा. इसके साथ ही विभाग ने साफ कर दिया है कि खनन कार्यों में लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों के खिलाफ अब कड़ी कार्रवाई की जाएगी.

खान एवं भूतत्व विभाग के मंत्री डॉ. प्रमोद कुमार बताते हैं कि,”खनन विभाग में पारदर्शिता के लिए सरकार लगातार काम कर रही है. छापेमारी के दौरान स्थानीय पुलिस की मदद ली जाती है,खनन सिपाही की नियुक्ति होने के बाद यह काम आसान हो जाएगा.”

आंकड़े कह रही कहानी

बिहार सरकार ने अवैध खनन और खनिज माफियाओं पर शिकंजा कसने के लिए व्यापक रणनीति तैयार की है. विभाग की कार्रवाई और उपलब्धियां इस रणनीति की प्रभावशीलता को स्पष्ट करती है. वर्ष 2025-26 में जहां कुल 16,401 छापेमारी की गई थी,वहीं वर्ष 2026-27 में अब तक 16,861 छापेमारी की जा चुकी है.

इसी तरह,वर्ष 2025-26 में अवैध खनन एवं खनिजों के अवैध परिवहन के मामले में 198 लोगों को गिरफ्तार किया गया था और 2,058 वाहनों को जब्त करते हुए 31.24 करोड़ रुपये का राजस्व प्राप्त हुआ था. वहीं,वर्ष 2026-27 में अब तक 278 गिरफ्तारियां की जा चुकी हैं,जबकि 2,497 वाहनों को जब्त कर 32.64 करोड़ रुपये का राजस्व अर्जित किया गया है. आंकड़ों से स्पष्ट है कि पिछले वर्ष की तुलना में इस वर्ष विभाग ने अवैध खनन और खनिजों के अवैध परिवहन के खिलाफ कार्रवाई को और तेज किया है.

कुछ दिनों पहले बिहार सरकार ने अवैध खनन और खनिज परिवहन पर बड़ी कार्रवाई करते हुए बिहार खनिज नियमावली 2026 लागू कर दी है. नई नियमावली के तहत अब खनन माफियाओं पर 5 लाख रुपये तक का भारी जुर्माना लगाया जाएगा. सरकार ने लघु खनिज के परिवहन के लिए खास रंग से रंगे और ढंके वाहनों को अनिवार्य किया है. नियमों के मुताबिक,बिना ढके खनिज ले जाने पर ट्रैक्टर पर 5 हजार और बड़े वाहनों पर 25 हजार रुपये तक का जुर्माना लगेगा. वहीं जीपीएस से छेड़छाड़ करने या उसे बंद करने पर वाहन मालिक को 1 लाख रुपये तक का फाइन देना होगा.

बिहार खनिज नियमावली के तहत 10 जून 2026 से बिहार की सीमा में दूसरे राज्यों से बालू, पत्थर जैसे लघु खनिज लेकर आने वाले सभी वाहनों के लिए इंटर स्टेट ट्रांजिट पास (ISTP) अनिवार्य कर दिया गया है. यानी बिना ISTP के दूसरे राज्यों से खनिज लेकर बिहार में प्रवेश करने वाले वाहनों पर कार्रवाई की जाएगी. सरकार का लक्ष्य है कि राज्य में खनिज संसाधनों की लूट रोकी जाए, राजस्व बढ़े और अवैध खनन नेटवर्क को कमजोर किया जाए.