BIHAR NEWS : इजरायल-ईरान युद्ध में मारे गए लोगों की आत्मा की शांति के लिए बोधगया में विशेष प्रार्थना

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बोधगया: विश्व प्रसिद्ध बौद्ध तीर्थ नगरी बोधगया से एक अनोखी और भावुक तस्वीर सामने आई है,जहां हिंदू और बौद्ध धर्म के संत एक साथ बैठकर विश्व शांति के लिए प्रार्थना करते नजर आए. इजरायल और ईरान के बीच जारी युद्ध में मारे गए बेगुनाह लोगों की आत्मा की शांति के लिए बोधगया के श्रीशंकराचार्य मठ में विशेष पूजा-अर्चना और प्रार्थना सभा आयोजित की गई.

इस विशेष पूजा में थाईलैंड से आए 108 बौद्ध भिक्षुओं (मोंक) ने बौद्ध मंत्रों का उच्चारण किया,वहीं हरिद्वार और ऋषिकेश से आए 33 संत,पुजारी और पंडितों ने वैदिक मंत्रों के साथ शांति पाठ किया. दोनों धर्मों के संतों ने अपने-अपने परंपरागत मंत्रों के माध्यम से युद्ध में मारे गए लोगों की आत्मा की शांति और विश्व में शांति स्थापित होने की कामना की.

इस कार्यक्रम में लियू याई चुन के नेतृत्व में 8 विदेशी पर्यटक भी शामिल हुए,जिनमें 6 ताइवान और 2 थाईलैंड के श्रद्धालु थे. इन सभी ने बोधगया पहुंचकर ईरान और इजराइल युद्ध में बेगुनाह मारे गए लोगों पर अपने पूर्वजों श्रीशंकराचार्य मठ में विशेष पूजा-अर्चना कर विश्व शांति की प्रार्थना की.

इन विदेशी पर्यटकों ने ईरान और इजराइल युद्ध दोनों में जल्द युद्ध खत्म करने की मांग उठाई.

उन्होंने कहा लड़ाई से हल नहीं बल्कि शांति से समाधान करना चाहिए.

बिहार पर्यटन विभाग के चायनीज़ गाइड बाल गंगाधर ने बताया कि ताइवान और थाईलैंड से आए पर्यटक विशेष रूप से बोधगया पहुंचे हैं. उनका मानना है कि बोधगया विश्व का एक ऐसा पवित्र स्थल है,जहां से पूरी दुनिया को शांति का संदेश मिलता है. इसी विश्वास के साथ विदेशी श्रद्धालुओं ने इजरायल और ईरान के बीच चल रहे युद्ध को समाप्त करने और विश्व में शांति स्थापित होने की कामना करते हुए यहां पूजा-अर्चना की.

बोधगया में आयोजित इस अनोखी प्रार्थना सभा में हिंदू और बौद्ध धर्म के संतों का एक साथ बैठकर विश्व शांति के लिए मंत्रोच्चार करना लोगों के बीच आपसी सद्भाव और शांति का संदेश देता नजर आया. यह दृश्य इस बात का प्रतीक बना कि धर्म और सीमाओं से ऊपर उठकर पूरी मानवता के लिए शांति की कामना की जा सकती है.

बोधगया से मनोज सिंह की रिपोर्ट--