BIHAR NEWS : बिहार के 909 गांवों को जोड़ेंगे ये नए पुल – कब तक? जानिए इस रिपोर्ट में

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पटना : जब गांव सड़कों से जुड़ती है,तो पूरे गांव की तस्वीर बदल जाती है. यह सड़कें किसानों को खेत से मंडी तक सीधे संपर्कता प्रदान करते हैं. इससे उनके व्यवसाय की तरक्करी का मार्ग प्रशस्त होता है. छात्र-छात्राओं को घर से स्कूल एवं कॉलेज तक तथा सरकारी सुविधाओं और सेवाओं के गांव तक ससमय पहुंचने से ग्रामीण जीवन सहज और आसान हो जाता है. साथ ही गांवों में विकास और अवसर के नए द्वार भी खुलते हैं. इन्हीं उद्देश्यों को लेकर बिहार सरकार ने सितंबर, 2024ग्रामीण क्षेत्रों में निर्बाध सम्पर्कता के लिए छूटे हुए जनोपयोगी पुल,सड़क और पहुंच पथ के निर्माण और अनुरक्षण हेतु मुख्यमंत्री ग्रामीण सेतु योजना की शुरुआत की गई है. इस योजना के तहत राज्य के सभी38जिलों में कुल909पुलों का निर्माण किया जा रहा है. इसके लिए राज्य सरकार ने4हजार744लाख64करोड़ रुपये की राशि खर्च करने की स्वीकृति प्रदान की है.

बिहार के गांव अब मंडी से जुड़ेंगे

इनमें कुल670पुलों का कार्य आवंटन आदेश जारी किया जा चुका है और इन पुलों का निर्माण कार्य भी शुरू हो चुका है. ग्रामीण कार्य विभाग से मिली जानकारी के अनुसार शेष239पुलों के निर्माण के लिए निविदा निष्पादन की प्रक्रिया विभिन्न चरणों में है. इस योजना के तहत पूर्व से निर्मित कई जर्जर पुलों की जगह नए पुलों का निर्माण,पूर्व से निर्मित पुलों के पहुंच पथ में छूटे हुए पुल,बाढ़ से क्षतिग्रस्त पुलों की जगह नए पुलों का निर्माण,निर्मित पुलों के लिए पहुंच पथ का निर्माण,अब तक बिना संपर्क वाले बचे हुए टोलों और बसावटों को संपर्कता प्रदान करने के लिए पुल-पुलियों का निर्माण किया जा रहा है.

ग्रामीण कार्य विभाग ने बनाई तकनीकी टीम

ग्रामीण कार्य विभाग के अनुसार स्वीकृत और एकरारित पुलों के डीपीआर की समीक्षा और सुधार के लिए तीन विभागीय तकनीकी परामर्शी और एक पुल सलाहकार के साथ कुल10सहायक अभियंताओं को प्रतिनियुक्त किया गया है. इनके माध्यम से निर्धारित मानक संचालन प्रक्रिया (एसओपी) के अनुसार वृहद स्तर पर डीपीआर की गहन जांच की जा रही है ताकि भविष्य में कोई विसंगति न हो. विभाग से मिली जानकारी के अनुसार तैयार की गई एसओपी में प्रतिदिन20डीपीआर की समीक्षा की जा रही है. आगामी10फ़रवरी तक सभी डीपीआर की समीक्षा का कार्य पूर्ण कर लेने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है. इतना ही नहीं इन सभी डीपीआर की समीक्षा के बाद उसमें सुधार के लिए भी17फ़रवरी की तारीख निर्धारित कर दी गई है. यदि किसी डीपीआर में बड़े बदलाव या सुधार की जरुरत हो तो उसके लिए भी25फ़रवरी की तिथि निर्धारित कर दी गई है.

योजना के तहत पूर्वी चंपारण में बनेंगे सबसे अधिक76पुल

मुख्यमंत्री ग्रामीण सेतु योजना के तहत सबसे अधिक76पुलों का निर्माण पूर्वी चंपारण जिले में किया जाएगा. जबकि,दरभंगा में53,सीतामढ़ी में43,मधुबनी में42,शेखपुरा में39,गयाजी में38,भागलपुर,नालंदा एवं वैशाली में क्रमानुसार34-34सारण और गोपालगंज में31-31,सिवान में30,समस्तीपुर में29,रोहतास में27,पूर्णिया में24तथा सुपौल एवं बेगूसराय में23-23पुलों का निर्माण किया जा रहा है. राजधानी पटना में भी कुल18पुलों का निर्माण किया जाएगा.