BIHAR NEWS : पटना जंक्शन पर रबरयुक्त ट्रैक क्रॉसिंग से बढ़ी सुविधा और सुरक्षा, लोगों को मिला नया सहारा
पटना : पूर्व मध्य रेल के दानापुर मंडल ने पटना जंक्शन पर नई रबरयुक्त ट्रैक क्रॉसिंग (बैरो क्रॉसिंग) का निर्माण कर यात्री सुविधाओं और परिचालन दक्षता को नई मजबूती दी है. देखने में साधारण लगने वाली यह व्यवस्था अब यात्रियों, दिव्यांगजनों, रेलवे कर्मचारियों तथा पार्सल परिवहन के लिए काफी उपयोगी साबित हो रही है.
पटना जंक्शन देश के सबसे व्यस्त रेलवे स्टेशनों में शामिल है,जहां प्रतिदिन बड़ी संख्या में यात्रियों और पार्सलों का आवागमन होता है. इसी को ध्यान में रखते हुए प्लेटफॉर्म संख्या-1 के पश्चिमी छोर पर महावीर मंदिर की ओर नई रबरयुक्त ट्रैक क्रॉसिंग विकसित की गई है,जो प्लेटफॉर्म संख्या 2-3 तथा 4-5 को आपस में जोड़ती है.
पारंपरिक गिट्टीयुक्त ट्रैक की तुलना में यह क्रॉसिंग समतल और फिसलन-रोधी सतह उपलब्ध कराती है,जिससे ट्रैक पार करना अधिक सुरक्षित और सुविधाजनक हो गया है. इसके कारण पार्सल ट्रॉलियों एवं रेलवे सेवा उपकरणों की आवाजाही तेज हुई है तथा लोडिंग-अनलोडिंग में लगने वाला समय भी कम हुआ है.
यात्रियों को भी इस सुविधा का सीधा लाभ मिल रहा है. फुट ओवरब्रिज पर अधिक भीड़ होने की स्थिति में यह क्रॉसिंग प्लेटफॉर्मों के बीच सहज आवागमन का विकल्प प्रदान करती है. इससे स्टेशन परिसर में भीड़ का दबाव कम होने के साथ संचालन व्यवस्था भी अधिक सुचारु हुई है.
दिव्यांग यात्रियों के लिए यह पहल विशेष रूप से लाभकारी साबित हो रही है. समतल रबरयुक्त सतह के कारण व्हीलचेयर उपयोगकर्ता अब विभिन्न प्लेटफॉर्मों के बीच बिना किसी कठिनाई के आसानी से आवागमन कर पा रहे हैं.
रेल प्रशासन के अनुसार यह पहल भारतीय रेल के उस व्यापक लक्ष्य का हिस्सा है,जिसके तहत यात्री सुविधाओं में वृद्धि के साथ-साथ स्टेशन प्रबंधन की दक्षता को भी बेहतर बनाया जा रहा है. पार्सलों की तेज आवाजाही,प्लेटफॉर्म की शीघ्र निकासी और बेहतर सुगमता जैसी सुविधाएं स्टेशन को अधिक यात्री-अनुकूल बना रही हैं.
दानापुर मंडल के वरिष्ठ मंडल वाणिज्य प्रबंधक अभिनव सिद्धार्थ ने कहा, "यह रबरयुक्त ट्रैक क्रॉसिंग अभी लीची के मौसम में लोडिंग और अनलोडिंग कार्य के लिए काफी सुविधाजनक साबित हो रही है. इससे कम समय में अधिक लोडिंग की जा रही है और कम झटकों (Jerking)के कारण उत्पादों की गुणवत्ता भी सुरक्षित रहती है."
पटना से नीरज उपाध्याय की रिपोर्ट--