BIHAR NEWS : गंगा के बढ़ते जलस्तर को लेकर पटना नगर निगम अलर्ट, घाटों एवं गंगा किनारे के इलाकों में सुरक्षा और स्वच्छता के विशेष इंतजाम
पटना: गंगा नदी के लगातार बढ़ते जलस्तर को देखते हुए पटना नगर निगम पूरी तरह अलर्ट मोड में है. गंगा से सटे इलाकों में जलस्तर की स्थिति पर लगातार निगरानी रखने के साथ-साथ संभावित जलप्रवेश,सीपेज एवं जलजमाव से निपटने के लिए निगम द्वारा व्यापक स्तर पर एहतियाती एवं सुरक्षात्मक उपाय किए जा रहे हैं. आम नागरिकों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए संवेदनशील घाटों पर आवाजाही नियंत्रित करने के साथ ही जलस्तर बढ़ने वाले क्षेत्रों में आवश्यक संसाधनों को तैयार रखा गया है.
जिला प्रशासन द्वारा सभी स्लुईस गेट बंद किए जाने के बाद पटना नगर निगम ने भी गंगा के पानी को नालों के माध्यम से शहर के भीतर प्रवेश करने से रोकने के लिए गंगा से सटे संवेदनशील स्थलों पर नालों को ब्लॉक कर दिया है. वहीं,संभावित सीपेज एवं जलजमाव की स्थिति से निपटने के लिए आवश्यक स्थानों पर पंप सेट की व्यवस्था की जा रही है. निगम की टीमें संवेदनशील इलाकों में लगातार स्थिति का जायजा ले रही हैं,ताकि आवश्यकता पड़ने पर तत्काल जलनिकासी की कार्रवाई की जा सके.
घाटों पर सुरक्षा व्यवस्था सख्त,कंगन घाट की बैरिकेडिंग
आम नागरिकों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए शुक्रवार को नगर निगम द्वारा कंगन घाट पर बैरिकेडिंग कर आवाजाही को नियंत्रित किया गया. हालांकि,कुछ असामाजिक तत्वों द्वारा बैरिकेडिंग तोड़कर घाट के समीप जाने का प्रयास किया गया. ऐसी घटनाओं को रोकने एवं लोगों को जोखिम वाले क्षेत्र में जाने से प्रतिबंधित करने के लिए हाइवा की मदद से घाट की ओर जाने वाले रास्ते को ब्लॉक कर दिया गया है.
नगर निगम द्वारा सभी प्रमुख घाटों पर प्रतिदिन माइकिंग के माध्यम से आम नागरिकों को लगातार जागरूक किया जा रहा है. लोगों से स्पष्ट रूप से अपील की जा रही है कि गंगा के बढ़ते जलस्तर एवं तेज बहाव को देखते हुए सुरक्षा की दृष्टि से घाटों पर न जाएं और किसी भी प्रकार का जोखिम न लें.
सीपेज वाले स्थलों की लगातार निगरानी,कंट्रोल रूम को भेजी जा रही रियल टाइम जानकारी
गंगा के बढ़ते जलस्तर के कारण घाटों से सटे कई स्थानों पर पानी के सीपेज की स्थिति उत्पन्न हुई है. नगर निगम की टीमें ऐसे सभी संवेदनशील स्थलों पर लगातार निगरानी बनाए हुए हैं. फील्ड टीमों द्वारा स्थलों की वर्तमान स्थिति की जानकारी नियमित रूप से फोटो एवं वीडियो सहित कंट्रोल रूम को भेजी जा रही है.
पंप सेट स्टैंड बाई में रखने के निर्देश
नगर आयुक्त यशपाल मीणा द्वारा सभी संबंधित कार्यपालक पदाधिकारियों को आवश्यक पंप सेट स्टैंड बाई में तैयार रखने के निर्देश दिए गए हैं. साथ ही,संबंधित अधिकारियों एवं फील्ड टीमों को संवेदनशील क्षेत्रों में लगातार निगरानी बनाए रखने तथा आवश्यकता के अनुसार तत्काल जलनिकासी की कार्रवाई सुनिश्चित करने को कहा गया है. अधिक वर्षा अथवा गंगा के जलस्तर में और वृद्धि की स्थिति में शहर के विभिन्न हिस्सों में उत्पन्न होने वाले संभावित जलजमाव से त्वरित रूप से निपटने के लिए निगम की मशीनरी एवं संसाधनों को तैयार रखा जा रहा है.
बाढ़ प्रभावित एवं विस्थापित परिवारों के लिए स्वच्छता एवं नागरिक सुविधाओं की विशेष व्यवस्था
बाढ़ प्रभावित एवं विस्थापित लोगों की सुविधा एवं स्वास्थ्य को ध्यान में रखते हुए मीनार घाट स्थित कम्युनिटी किचेन तथा बिंद टोली में विस्थापितों के टेंट के आसपास विशेष स्वच्छता व्यवस्था की गई है. दोनों स्थानों पर आम नागरिकों एवं विस्थापित परिवारों की सुविधा के लिए एक-एक लू कैफे एवं एक-एक पिंक टॉयलेट की व्यवस्था की गई है.
स्वच्छता व्यवस्था को प्रभावी एवं निरंतर बनाए रखने के लिए दोनों स्थलों पर तीन पालियों में सफाई कर्मियों की तैनाती की गई है. प्रत्येक पाली में 5-5 सफाई कर्मी लगातार साफ-सफाई एवं स्वच्छता व्यवस्था सुनिश्चित कर रहे हैं. इसके अतिरिक्त,मच्छरजनित बीमारियों की रोकथाम के लिए प्रतिदिन एंटी-लार्वा का छिड़काव कराया जा रहा है. संभावित संक्रमण एवं जलजनित बीमारियों के प्रसार को रोकने के लिए चूना एवं ब्लीचिंग पाउडर का नियमित छिड़काव भी किया जा रहा है. साथ ही,मच्छरों के नियंत्रण के लिए संवेदनशील क्षेत्रों में नियमित रूप से फॉगिंग कराई जा रही है.
डूबे घाटों पर पूर्ण प्रतिबंध,अन्य घाटों पर भी लोगों से सतर्क रहने की अपील
जलस्तर बढ़ने के कारण भद्र घाट एवं महावीर घाट पूरी तरह डूब चुके हैं. इन घाटों पर आम नागरिकों की आवाजाही पर पूरी तरह रोक लगा दी गई है. वहीं,कदम घाट,नरकट घाट,राजा घाट,कर्नल घाट एवं चित्रगुप्त घाट सहित कुछ अन्य घाटों की कुछ सीढ़ियां अभी भी जलमग्न नहीं हुई हैं. इसके कारण कई लोग इन घाटों पर घूमने,फोटोग्राफी करने अथवा गंगा का बढ़ा हुआ जलस्तर देखने के लिए पहुंच रहे हैं.
नगर निगम द्वारा लोगों की सुरक्षा को देखते हुए ऐसे सभी घाटों पर लगातार माइकिंग कराई जा रही है. आम नागरिकों से अपील की जा रही है कि गंगा के तेज बहाव एवं बढ़ते जलस्तर को देखते हुए घाटों पर जाने से पूरी तरह बचें.
पटना नगर निगम द्वारा गंगा के जलस्तर की स्थिति पर लगातार निगरानी रखी जा रही है तथा संबंधित विभागों एवं फील्ड टीमों के साथ समन्वय स्थापित कर आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित की जा रही है. निगम की प्राथमिकता संभावित परिस्थितियों से पहले से तैयार रहना,नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करना तथा किसी भी आपात स्थिति में त्वरित कार्रवाई करना है.
पटना से अंकिता की रिपोर्ट-