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BIHAR NEWS : पटना में राजस्व संवर्धन को लेकर नगर आयुक्त की अध्यक्षता में हुई बैठक

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Patna : पटना नगर निगम द्वारा सभी संपत्तियों को कर के दायरे में लाने,वर्तमान संपत्तियों के कर निर्धारण का पुनर्मूल्यांकन करने तथा बकायेदारों से लंबित संपत्ति कर की प्रभावी संग्रहण सुनिश्चित करने के लिए प्राथमिकता पर कार्य किया जा रहा है. इसी क्रम में नगर आयुक्त यशपाल मीणा की अध्यक्षता में गुरुवार को उप नगर आयुक्त सुशील कुमार एवं जया,राजस्व टीम,राजस्व पदाधिकारियों एवं मुख्यालय के सभी वरीय पदाधिकारियों के साथ बैठक आयोजित हुई. बैठक में संपत्ति कर संग्रहण बढ़ाने तथा राजस्व के नए स्रोतों को मजबूत करने के लिए विस्तृत कार्य योजना पर चर्चा की गई.

नगर आयुक्त ने तीन विशेष टीमों का गठन करने तथा प्रत्येक टीम को निर्धारित लक्ष्य के साथ कार्य करने के निर्देश दिए. इन टीमों द्वारा क्रमशः कर दायरे से बाहर की संपत्तियों का कर निर्धारण,पुरानी एवं वर्तमान संपत्तियों के कर निर्धारण का पुनर्मूल्यांकन तथा बड़े बकायेदारों से बकाया राशि की वसूली सुनिश्चित की जाएगी. सभी टीमों को15दिनों के भीतर निर्धारित कार्य पूर्ण कर प्रगति रिपोर्ट प्रस्तुत करने का निर्देश दिया गया है.

कर दायरे से बाहर की संपत्तियों का होगा कर निर्धारण

पटना नगर निगम द्वारा कर दायरे से बाहर की संपत्तियों को चिह्नित कर उन्हें संपत्ति कर के दायरे में लाने की कार्रवाई तेज की जा रही है. इस क्रम में बिजली विभाग से प्राप्त बिजली उपभोक्ताओं के आंकड़ों के आधार पर संबंधित उपभोक्ताओं से संपर्क कर उनकी संपत्ति के कर निर्धारण से संबंधित जानकारी एकत्रित की जा रही है.

निगम को बिजली विभाग से लगभग6लाख उपभोक्ताओं की जानकारी प्राप्त हुई है. निगम के कंट्रोल रूम द्वारा बिजली उपभोक्ताओं से प्रतिदिन फोन के माध्यम से संपर्क कर यह जानकारी प्राप्त की जा रही है कि संबंधित संपत्ति का संपत्ति कर निर्धारित है अथवा नहीं. कर दायरे से बाहर पाई जाने वाली संपत्तियों का आवश्यक प्रक्रिया के तहत कर निर्धारण किया जाएगा.

पुरानी एवं वर्तमान संपत्तियों के कर निर्धारण का होगा पुनर्मूल्यांकन

पटना नगर निगम द्वारा वार्डवार अपार्टमेंट के सचिवों के साथ बैठक कर संबंधित भवनों में अवस्थित फ्लैट्स एवं अन्य संपत्तियों की जानकारी एकत्रित की जा रही है. साथ ही,जिन संपत्तियों का अब तक कर निर्धारण नहीं हुआ है,उनके स्व-मूल्यांकन (Self Assessment)की प्रक्रिया के संबंध में भी संपत्ति मालिकों को जानकारी दी जा रही है.

निगम के संज्ञान में ऐसे मामले भी आए हैं,जहां एक ही भवन में स्थित अलग-अलग फ्लैट्स द्वारा अलग-अलग श्रेणी की सड़कों के आधार पर संपत्ति कर का निर्धारण कराया गया है. इससे कर निर्धारण में असमानता के साथ-साथ निगम के राजस्व को संभावित क्षति हो रही है.

इसे देखते हुए निगम मुख्यालय द्वारा सभी अंचलों को लगभग4,000अपार्टमेंट एवं भवनों की सूची उपलब्ध कराई गई है. संबंधित राजस्व पदाधिकारियों द्वारा इन संपत्तियों के कर निर्धारण की जांच एवं पुनर्मूल्यांकन किया जा रहा है. नगर आयुक्त ने इस कार्य को15दिनों के भीतर प्राथमिकता के आधार पर पूरा कर प्रगति रिपोर्ट मुख्यालय को उपलब्ध कराने के निर्देश दिए हैं.

नगर आयुक्त ने स्पष्ट निर्देश दिया कि अपार्टमेंट एवं भवनों में अवस्थित प्रत्येक संपत्ति के कर निर्धारण का पुनर्मूल्यांकन किया जाए तथा यह सुनिश्चित किया जाए कि अंचल क्षेत्र में अवस्थित प्रत्येक संपत्ति का वास्तविक उपयोग,क्षेत्रफल,सड़क की श्रेणी एवं अन्य संबंधित मानकों के आधार पर सही कर निर्धारण हो.

निगम द्वारा किए जा रहे पुनर्मूल्यांकन के दौरान यह भी संभावना है कि कई संपत्ति मालिकों द्वारा संपत्ति के विस्तार,उपयोग की श्रेणी अथवा अन्य महत्वपूर्ण विवरणों में हुए बदलाव को अपनेPIDमें अपडेट नहीं कराया गया हो. ऐसे मामलों में वर्तमान स्थिति के अनुरूप कर निर्धारण को अपडेट किया जाएगा.

लगभग80करोड़ रुपये के बकाये की होगी वसूली

संपत्ति कर के बड़े बकायेदारों से वसूली को भी प्राथमिकता दी गई है. पटना नगर निगम क्षेत्र में लगभग1.50लाख संपत्तियों पर करीब80करोड़ रुपये का संपत्ति कर बकाया है.

नगर आयुक्त ने तीसरी टीम को बड़े बकायेदारों से व्यक्तिगत एवं दूरभाष के माध्यम से संपर्क कर बकाया राशि जमा कराने के लिए आवश्यक कार्रवाई करने के निर्देश दिए हैं. आवश्यकता पड़ने पर नियमों के तहत उपलब्ध वैधानिक प्रावधानों का उपयोग करते हुए बकाया राशि की वसूली सुनिश्चित करने को कहा गया है.

अंचलवार संपत्ति कर बकाया की वस्तुस्थिति-

• अजीमाबाद अंचल: लगभग28हजार संपत्तियों पर10.63करोड़ रुपये

• बांकीपुर अंचल: लगभग20हजार संपत्तियों पर10.88करोड़ रुपये

• कंकड़बाग अंचल: करीब23हजार संपत्तियों पर13करोड़ रुपये

• नूतन राजधानी अंचल: लगभग26हजार संपत्तियों पर17.55करोड़ रुपये

• पाटलिपुत्र अंचल: लगभग36हजार संपत्तियों पर18.71करोड़ रुपये

• पटना सिटी अंचल: लगभग17हजार संपत्तियों पर9करोड़ रुपये

इनमें689संपत्तियां ऐसी हैं,जिन पर एक लाख रुपये से अधिक का संपत्ति कर बकाया है. निगम द्वारा पहले चरण में इन बड़े बकायेदारों पर विशेष रूप से कार्रवाई करते हुए बकाया राशि की वसूली सुनिश्चित की जाएगी.

मॉल,अस्पताल एवं बड़े व्यावसायिक प्रतिष्ठानों के कर का होगा सत्यापन

नगर आयुक्त ने मॉल,निजी अस्पताल,बैंक्वेट हॉल,मार्केट कॉम्प्लेक्स एवं अन्य बड़े व्यावसायिक प्रतिष्ठानों के निर्धारित संपत्ति कर का पुनर्मूल्यांकन एवं सत्यापन कराने के निर्देश दिए हैं. इसके लिए टाउन प्लानर्स एवं आर्किटेक्ट्स की टीम द्वारा विशेष जांच कराई जाएगी.

टीम द्वारा बड़े कमर्शियल परिसरों के वास्तविक क्षेत्रफल एवं उपयोग की जांच करते हुए संबंधित संपत्तियों के स्वीकृत नक्शे एवं उपलब्ध अभिलेखों से उसका मिलान किया जाएगा. इसके माध्यम से यह सुनिश्चित किया जाएगा कि संपत्ति का वास्तविक निर्मित क्षेत्रफल,उपयोग की श्रेणी एवं अन्य संबंधित विवरण निगम के रिकॉर्ड में सही तरीके से दर्ज हैं.

जांच के दौरान बिल्डिंग बायलॉज के उल्लंघन,स्वीकृत नक्शे से अधिक निर्माण अथवा संपत्ति के स्व-मूल्यांकन में किसी प्रकार की विसंगति पाए जाने पर नियमानुसार आवश्यक कार्रवाई की जाएगी. इससे बड़े व्यावसायिक प्रतिष्ठानों के संपत्ति कर निर्धारण में पारदर्शिता सुनिश्चित होने के साथ निगम के राजस्व में वृद्धि होगी.

नगर आयुक्त ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि राजस्व संवर्धन को नियमित प्रशासनिक प्रक्रिया के बजाय लक्ष्य आधारित अभियान के रूप में संचालित किया जाए,ताकि निगम क्षेत्र की प्रत्येक कर योग्य संपत्ति का सही एवं पारदर्शी कर निर्धारण हो और बकाया राजस्व की प्रभावी वसूली सुनिश्चित की जा सके.

पटना से अंकिता की रिपोर्ट-