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BIHAR NEWS : मंत्री राम कृपाल यादव बोले - सरकार किसानों की खेती को वैज्ञानिक, लाभकारी एवं टिकाऊ बनाने हेतु निरंतर प्रतिबद्ध

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पटना : अनुमंडल स्तर पर कृषकों को मिट्टी जांच की सुविधा उपलब्ध कराने के उद्देश्य से वित्तीय वर्ष 2025-26 में राज्य के 25 जिलों में कुल 32 अनुमंडल स्तरीय मिट्टी जांच प्रयोगशाला की स्थापना की गई है. ये बातें बुधवार को राज्य के कृषि मंत्री राम कृपाल यादव ने कही.

उन्होंने कहा कि राज्य सरकार किसानों की खेती को वैज्ञानिक,लाभकारी एवं टिकाऊ बनाने के लिए निरंतर प्रतिबद्ध है. इसी उद्देश्य से केन्द्र प्रायोजित मृदा स्वास्थ्य एवं उर्वरता योजना का राज्यभर में प्रभावी ढंग से क्रियान्वयन किया जा रहा है. इस योजना के माध्यम से किसानों के खेतों की मिट्टी की गुणवत्ता में सुधार कर उत्पादन एवं उत्पादकता बढ़ाने का सतत प्रयास किया जा रहा है.

उन्होंने कहा कि वित्तीय वर्ष 2025-26 में राज्य के लिए तीन लाख मिट्टी नमूनों के संग्रहण एवं विश्लेषण का लक्ष्य निर्धारित किया गया था. निर्धारित लक्ष्य के विरुद्ध अब तक तीन लाख मिट्टी नमूनों का संग्रहण किया जा चुका है,जबकि 2.98 लाख मिट्टी नमूनों का विश्लेषण पूर्ण कर कृषकों को उनके खेत के अनुसार मृदा स्वास्थ्य कार्ड उपलब्ध कराया गया है.

कृषि मंत्री राम कृपाल यादव ने कहा कि मृदा स्वास्थ्य कार्ड किसानों के लिए एक महत्वपूर्ण मार्गदर्शक दस्तावेज है,जिसके माध्यम से उन्हें अपने खेत की मिट्टी में उपलब्ध पोषक तत्वों की सटीक जानकारी मिलती है. जांच परिणामों के आधार पर किसानों को उनके खेत के रकबा एवं फसल के अनुसार संतुलित उर्वरक उपयोग की अनुशंसा की जाती है,जिससे अनावश्यक एवं अंधाधुंध रासायनिक उर्वरकों के प्रयोग में कमी आती है.

उन्होंने कहा कि इस योजना का उद्देश्य केवल फसल उत्पादन बढ़ाना ही नहीं है,बल्कि मिट्टी की दीर्घकालिक उर्वरता बनाए रखना,पर्यावरण संरक्षण को बढ़ावा देना तथा किसानों की लागत कम कर उनकी आय में वृद्धि करना है. संतुलित उर्वरक प्रबंधन से भूमि की सेहत सुधरती है,जल संसाधनों का संरक्षण होता है और खेती अधिक टिकाऊ बनती है.