BIHAR NEWS : छोटे एवं सीमांत किसानों तक आधुनिक कृषि यंत्रों की पहुंच सुनिश्चित करना सरकार का लक्ष्य - विजय सिन्हा
पटना: बिहार में कृषि यंत्रीकरण को बढ़ावा देने के लिए राज्य सरकार ने बड़ी पहल की है. कृषि विभाग ने "सब मिशन ऑन एग्रीकल्चरल मैकेनाइजेशन (2025-26)"योजना के तहत अनुदान पर कस्टम हायरिंग सेंटर,फार्म मशीनरी बैंक और स्पेशल कस्टम हायरिंग सेंटर की स्थापना के लिए8सितंबर से ऑनलाइन आवेदन मांगे हैं.
योजना के तहत जीविका समूह,ग्राम संगठन,क्लस्टर फेडरेशन से संबद्ध फार्मर इंटरेस्ट ग्रुप,नाबार्ड/राष्ट्रीयकृत बैंक से संबद्ध किसान क्लब,फार्मर प्रोड्यूसर ऑर्गेनाइजेशन (एफपीओ),फार्मर प्रोड्यूसर कंपनी (एफपीसी),स्वयं सहायता समूह एवं पैक्स आदि अनुदान का लाभ उठा सकते हैं.
इच्छुक आवेदक वेबसाइटwww.farmech.bihar.gov.inपर जाकर ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं. लाभार्थियों का चयन ऑनलाइन लॉटरी प्रणाली के माध्यम से किया जाएगा,जिसकी वैधता15दिन होगी. वहीं,अनुदान राशि डीबीटी के माध्यम से सीधे लाभार्थी के खाते में भेजी जाएगी.
कृषि मंत्री विजय कुमार सिन्हा ने कहा कि राज्य सरकार छोटे एवं सीमांत किसानों तक आधुनिक कृषि यंत्रों की पहुंच सुनिश्चित करने के लिए प्रतिबद्ध है. महंगे कृषि यंत्रों की खरीद प्रत्येक किसान के लिए संभव नहीं है. ऐसे में कस्टम हायरिंग सेंटरों के माध्यम से किसान आवश्यकतानुसार किराए पर आधुनिक कृषि यंत्रों का उपयोग कर सकेंगे. इससे खेती की लागत में कमी आएगी,समय की बचत होगी तथा कृषि उत्पादकता एवं किसानों की आय में वृद्धि होगी.
उन्होंने बताया कि योजना के अंतर्गत राज्य में267कस्टम हायरिंग सेंटर (सीएचसी) स्थापित किए जाएंगे. प्रत्येक केंद्र की परियोजना लागत10लाख रुपये तक होगी,जिस पर लागत का40प्रतिशत,अधिकतम4लाख रुपये तक अनुदान दिया जाएगा.
इसके अलावा38कृषि यंत्र बैंक स्थापित किए जाएंगे. प्रत्येक बैंक की लागत10लाख रुपये तक होगी तथा पात्र समूहों को लागत का80प्रतिशत,अधिकतम8लाख रुपये तक अनुदान दिया जाएगा.
फसल अवशेष प्रबंधन को मिलेगा बढ़ावा
कृषि मंत्री ने बताया कि फसल अवशेषों के वैज्ञानिक प्रबंधन एवं पर्यावरण संरक्षण को बढ़ावा देने के लिए200स्पेशल कस्टम हायरिंग सेंटर स्थापित किए जाएंगे. प्रत्येक केंद्र की परियोजना लागत20लाख रुपये तक होगी. इसमें55हॉर्स पावर अथवा उससे अधिक क्षमता वाले ट्रैक्टर एवं आवश्यक कृषि यंत्रों पर40से80प्रतिशत तक,अधिकतम12लाख रुपये तक अनुदान का प्रावधान है. साथ ही,कृषि में आधुनिक ड्रोन तकनीक के विस्तार के लिए480किसान ड्रोन कस्टम हायरिंग सेंटर स्थापित किए जाएंगे.
कृषि यंत्रीकरण योजना के तहत86प्रकार के कृषि यंत्रों पर व्यक्तिगत किसानों को40से80प्रतिशत तक अनुदान दिया जाएगा. उन्होंने किसानों से अपील की है कि वे राज्य सरकार की कृषि यंत्रीकरण योजनाओं का अधिकाधिक लाभ उठाएं और आधुनिक कृषि तकनीकों को अपनाकर खेती को अधिक लाभकारी बनाएं. मंत्री ने स्पष्ट कहा कि योजना के क्रियान्वयन में किसी भी प्रकार की अनियमितता बर्दाश्त नहीं की जाएगी और दोषियों के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई की जाएगी.
पटना से संजय कुमार की रिपोर्ट--