BIHAR NEWS : महाबोधि मंदिर में तिब्बती समुदायों ने देश की आजादी की मांग को लेकर भारत से नैतिक समर्थन की जताई उम्मीद
बोधगया:विश्व धरोहर महाबोधि मंदिर परिसर में मंगलवार को तिब्बती समुदाय के लोगों ने तिब्बत की आज़ादी और मानवाधिकारों के समर्थन में शांतिपूर्ण ढंग से अपनी बात रखी. उन्होंने केंद्र सरकार से नैतिक समर्थन और सहयोग की अपील करते हुए कहा कि तिब्बत पिछले लगभग 70 वर्षों से चीनी नियंत्रण में है और इस दौरान तिब्बती जनता ने अनेक कठिनाइयों और दमन का सामना किया है. समुदाय के प्रतिनिधियों का कहना था कि अपनी संस्कृति,पहचान और मातृभूमि की रक्षा के लिए कई तिब्बतियों ने बलिदान दिए हैं.
तिब्बती समुदाय के सदस्यों ने बताया कि हाल ही में अमेरिका के न्यूयॉर्क स्थित संयुक्त राष्ट्र मुख्यालय के बाहर एक तिब्बती व्यक्ति द्वारा कथित रूप से तिब्बत के मुद्दे और नए चीनी कानूनों के विरोध में आत्मदाह किए जाने की घटना ने दुनिया भर के तिब्बतियों को भावुक और चिंतित किया है. इसी क्रम में बोधगया में रहने वाले तिब्बती समुदाय ने भी अपनी भावनाएं व्यक्त करते हुए तिब्बत के लोगों के प्रति एकजुटता दिखाई.
कार्यक्रम के दौरान पिछले 12 वर्षों से बोधगया में रहकर जरूरतमंदों की सेवा कर रही तिब्बती समाजसेवी आनी गायेंग ने कहा कि भारत ने तिब्बती समुदाय को शरण,सम्मान और सुरक्षित जीवन प्रदान किया है. इसके लिए वे भारत सरकार और भारतीय जनता के प्रति आभार व्यक्त करती हैं. उन्होंने कहा कि भारत में उन्हें शांति और भाईचारे के साथ रहने का अवसर मिला है,लेकिन अपने मातृभूमि तिब्बत की आज़ादी की उम्मीद आज भी उनके दिलों में जीवित है.
तिब्बती समुदाय के प्रतिनिधियों ने यह भी कहा कि यदि तिब्बत में स्थायी शांति स्थापित होती है,तो इसका सकारात्मक प्रभाव भारत की सुरक्षा और पूरे हिमालयी क्षेत्र की स्थिरता पर भी पड़ेगा. उन्होंने भारत सरकार से लोकतांत्रिक मूल्यों और मानवाधिकारों के समर्थन में सकारात्मक भूमिका निभाने की अपील की.
कार्यक्रम के अंत में तिब्बती समुदाय के लोगों ने भारत के प्रति अपना आभार व्यक्त करते हुए भारत-तिब्बत के बीच मित्रता,शांति और सद्भाव की कामना की. उन्होंने "जय हिंद" के नारों के साथ अपने संबोधन का समापन किया.
बोधगया से मनोज सिंह की रिपोर्ट-