BIHAR NEWS : कामकाजी महिलाओं के लिए सुरक्षित माहौल, पॉश एक्ट और शी-बॉक्स पर बड़ा संदेश

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पटना:बिहार सरकार ने महिला सशक्तिकरण पर कई महत्वपूर्ण कार्य किए. महिला उन्नयन के लिए नौकरियों में बराबर की भागीदारी दी गई. कार्यालयों में होने वाले भेदभाव को समाप्त करने की दिशा में ठोस पहल किए गए. मुख्यमंत्री महिला रोजगार योजना महिला उत्थान पर सरकार की ऐतिहासिक और क्रांतिकारी पहल है. पहली बार बिहार जैसे राज्य में व्यापक पैमाने पर महिलाओं के लिए आर्थिक और सामाजिक सुरक्षा की गारंटी तय हुई.

यह बात शुक्रवार को ग्रामीण विकास विभाग के प्रधान सचिव पंकज कुमार ने कही. वह पटना के बापू टावर में जीविका के लैंगिक संवेदनशीलता, पॉश अधिनियम-2013 एवं शी-बॉक्स पोर्टल के संचालन के लिए आयोजित एक दिवसीय कार्यशाला के उद्घाटन सत्र को संबोधित कर रहे थे. उन्होंने कहा कि जब भी दो समुदाय में आपसी मेल होता है समाज में बदलाव आता है. यह लोकतंत्र की कसौटी है जहां लोग न्याय धर्मिता को आगे बढ़कर स्वीकार करते हैं और फिर समाज में एक नए मानदंड की स्थापना होती है.

उन्होंने आजादी से पहले और उसके बाद के बड़े आंदोलनों का जिक्र करते हुए महिलाओं के उत्थान में उठाए गए महत्वपूर्म कदमों की भी चर्चा की. पंकज कुमार ने कहा कि ब्रिटिश साम्राज्य के बाद नारी सम्मान और उनकी सुरक्षा को लेकर कई बड़े आंदोलन हुए. वर्ष 2012 के निर्भयाकांड ने पूरे देश को झकझोर कर रख दिया. महिलाओं की सुरक्षा और सम्मान के लिए प्रत्येक आदमी घर से बाहर आया और फिर संसद को नया कानून बनाना पड़ा. इस कानून का ही नतीजा है कि आज कार्यालयों,सार्वजनिक स्थलों पर महिला सम्मान और सुरक्षा को लेकर लोगों में जागरुकता आई है.

कार्यक्रम में अपर मुख्य कार्यपालक पदाधिकारी अभिलाषा शर्मा ने कहा कि महिला सशक्तिकरण सिर्फ आर्थिक सुदृढ़ता तक सीमित न रहकर नारी के सम्मान और सुरक्षा की भावना को भी सुनिश्चित करता है. सुरक्षित एवं संवेदनशील कार्यस्थल संस्थागत विकास की आधारशिला है. उन्होंने बताया कि सरकार ने शी-बॉक्स पोर्टल पर आंतरिक समिति का गठन और पंजीकरण अनिवार्य किया है ताकि महिलाओं के साथ होने वाले लैंगिक भेदभाव और उत्पीड़न की शिकायतों का त्वरित समाधान हो और वह कार्यालयों में भयमुक्त वातावरण में काम कर सकें. कार्यक्रम के अगले चरण में जीविका और आशा कार्यकर्ताओं को जेंडर स्पेशलिस्ट गुंजन बिहारी, नोडल ऑफिसर अंकिता कश्यप ने पॉश एक्ट, शी-बॉक्स पोर्टल और लैंगिक संवेदनशीलता आदि विषयों पर प्रशिक्षण दिया. इस अवसर पर जीविका के निदेशक राम निरंजन सिंह, निदेशक (उद्यम) विनय कुमार राय आदि की प्रमुख उपस्थिति रही.