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BIHAR NEWS : हंगामे और विरोध के बीच पटना नगर निगम का 3043 करोड़ का बजट पास

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पटना: राजधानी पटना में नगर निगम की बैठक उस वक्त गरमा गई जब वित्तीय वर्ष का बजट पेश किया गया. शनिवार को पार्षदों के तीखे विरोध और भारी हंगामे के बावजूद 3043 करोड़ रुपये का बजट आखिरकार पास कर दिया गया.

बैठक के दौरान कई पार्षदों ने योजनाओं और खर्च के बंटवारे को लेकर सवाल उठाए,जिससे माहौल काफी तनावपूर्ण हो गया.

बजट में क्या है बड़ा प्लान?

इस बार के बजट में पटना को आधुनिक और व्यवस्थित शहर बनाने के लिए कई अहम योजनाओं को शामिल किया गया है:

भव्य मुख्य द्वार का निर्माण:

राजधानी में प्रवेश करने वाले प्रमुख मार्गों पर एक आकर्षक मुख्य द्वार बनाया जाएगा,जो पटना की पहचान और सौंदर्य को बढ़ाएगा.

हर अंचल में‘स्वर्ग रथ’सुविधा:

शहर के सभी 6 अंचलों में शव वाहन (स्वर्ग रथ) उपलब्ध कराए जाएंगे,ताकि जरूरत के समय लोगों को परेशानी न हो.

पानी की समस्या के समाधान के लिए समरसेबुल:

5 नए समरसेबुल बोरिंग लगाए जाएंगे,जिन पर लगभग 15 लाख रुपये खर्च किए जाएंगे. इससे पानी की किल्लत वाले इलाकों को राहत मिलने की उम्मीद है.

नालों के ढक्कन के लिए बजट:

हर वार्ड में नालों को ढकने के लिए 10 लाख रुपये का प्रावधान किया गया है,जिससे हादसों में कमी आएगी और सफाई व्यवस्था बेहतर होगी.

बुनियादी सुविधाओं पर खास फोकस

बजट में शहर की मूलभूत जरूरतों को प्राथमिकता दी गई है:

साफ-सफाई व्यवस्था को मजबूत करना

ड्रेनेज सिस्टम को सुधारना ताकि जलजमाव की समस्या कम हो

नई सड़कों का निर्माण और पुरानी सड़कों का मरम्मत कार्य

पुराने कचरे का वैज्ञानिक निस्तारण

नए गार्बेज ट्रांसफर स्टेशन का निर्माण

सिटी लॉजिस्टिक प्लान लागू करना,जिससे कचरा प्रबंधन और ट्रैफिक सिस्टम बेहतर हो सके

बजट बैठक में पार्षदों का हंगामा:

पारदर्शिता और प्रक्रिया पर उठे बड़े सवाल

पटना नगर निगम की बजट बैठक के दौरान पार्षदों में भारी नाराजगी देखने को मिली. पार्षदों ने आरोप लगाया कि उन्हें सॉफ्ट कॉपी और हार्ड कॉपी में अलग-अलग जानकारी दी जाती है,जिससे भ्रम की स्थिति बनती है और सही आंकड़ों पर चर्चा करना मुश्किल हो जाता है.

पार्षदों का कहना है कि बैठक का एजेंडा 72 घंटे पहले मिलना चाहिए,लेकिन इसे देर रात उपलब्ध कराया जाता है,जिससे तैयारी और बहस प्रभावित होती है.

निगम बोर्ड की बैठक सार्वजनिक नहीं होने पर भी सवाल उठाए गए.

पार्षदों ने मांग की कि बैठक की वीडियो रिकॉर्डिंग सार्वजनिक की जाए,ताकि पारदर्शिता बनी रहे.

सबसे बड़ा मुद्दा यह रहा कि बैठक में मीडिया के प्रवेश पर रोक है,जिस पर भी कड़ी आपत्ति जताई गई.

पार्षदों का कहना है कि इन खामियों के चलते बजट प्रक्रिया पारदर्शी नहीं दिखती,इसलिए व्यवस्था में सुधार जरूरी

मेयर सीता साहू का बयान: सर्वसम्मति से विकास को समर्पित बजट

पटना नगर निगम की मेयर सीता साहू ने बजट 2026-27 को लेकर कहा कि यह बजट शहर के समग्र विकास को ध्यान में रखकर तैयार किया गया है. उन्होंने बताया कि सभी 75 वार्ड पार्षदों के सुझावों और जरूरतों को गंभीरता से सुनते हुए इस बजट को अंतिम रूप दिया गया.

निगम आयुक्त ने कहा

पटना नगर निगम के आयुक्त यशपाल मीणा ने बजट 2026-27 को शहर के समग्र विकास का रोडमैप बताया.

उन्होंने कहा कि यह बजट वित्तीय स्थिरता,सतत विकास और नागरिकों के जीवन स्तर को बेहतर बनाने के उद्देश्य से तैयार किया गया है.

बजट में सिटी लॉजिस्टिक प्लान,कचरा प्रबंधन को मजबूत करने और साफ-सफाई व्यवस्था को बेहतर बनाने पर विशेष जोर दिया गया है.

शहर के प्रमुख प्रवेश द्वारों को आधुनिक स्वरूप देकर पटना की पहचान को मजबूत किया जाएगा.

जलजमाव से निपटने के लिए ड्रेनेज सिस्टम सुधारने और नई सड़कों के निर्माण की योजना है.

हरित क्षेत्र बढ़ाने,स्ट्रीट लाइट और नागरिक सुविधाओं के विस्तार पर भी काम होगा.

आयुक्त ने कहा कि इन योजनाओं का मुख्य लक्ष्य पटना को स्वच्छ,सुंदर,सुरक्षित और आधुनिक शहर के रूप में विकसित करना है.

पटना से अंकिता की रिपोर्ट--