BIHAR NEWS : पटना में ठोस अपशिष्ट प्रबंधन नियम, 2026 बुधवार से लागू , 4 अलग-अलग डिब्बों में जमा होगा कचरा
पटना: शहरी क्षेत्रों में कचरा प्रबंधन को अधिक वैज्ञानिक,प्रभावी और पर्यावरण-अनुकूल बनाने के लिए केंद्र सरकार द्वारा अधिसूचित ठोस अपशिष्ट प्रबंधन नियम,2026 बुधवार से लागू होगा. यह नियम पटना नगर निगम क्षेत्र के सभी सरकारी,गैर-सरकारी,घरेलू,वाणिज्यिक और गैर-आवासीय प्रतिष्ठानों पर लागू होगा.
चार श्रेणियों पर कचरा पृथक्करण अनिवार्य
हर घर,दुकान,संस्थान और प्रतिष्ठान को अपने परिसर में ही कचरे को चार श्रेणियों में अलग-अलग जमा करना होगा—
गीला कचरा: रसोई का कचरा,फल-सब्जी के छिलके आदि
सूखा कचरा : प्लास्टिक,कागज,धातु,कांच आदि
सैनिटरी कचरा: डायपर,सैनिटरी नैपकिन आदि
विशेष देखभाल कचरा: बल्ब,पेंट,दवाइयां,ई-वेस्ट आदि
सड़क विक्रेताओं को भी अपने ठेले या स्टॉल पर गीला और सूखा कचरा अलग-अलग रखना होगा और उसे केवल रोड-टू-रोड कचरा गाड़ियों या निगम द्वारा चिह्नित डिपो में ही जमा करना होगा.
मिश्रित कचरा नहीं लेंगे सफाईकर्मी,कचरा गाड़ियों पर व्यवस्था न होने पर होगी कार्रवाई
पटना नगर निगम की कचरा गाड़ियों में चार अलग-अलग डिब्बों की व्यवस्था की गई है. हरे डिब्बे में गीला कचरा,नीले डिब्बे में सूखा कचरा,लाल डिब्बे में सैनिटरी कचरा और काले डिब्बे में विशेष देखभाल कचरा जमा किया जाएगा. यदि कोई नागरिक मिश्रित कचरा देगा,तो सफाईकर्मी उसे लेने से मना कर सकते हैं. वहीं,यदि किसी कचरा गाड़ी में चारों श्रेणियों के लिए अलग व्यवस्था नहीं हो,तो नागरिक हेल्पलाइन 155304 अथवा 9264447449 पर शिकायत कर सकते हैं.
100 से अधिक लोगों का आयोजन करने पर निगम को देनी होगी सूचना
खाली मैदान,सड़क किनारे खुली जगह,निजी खेत-बगीचा,अस्थायी टेंट या पार्क जैसे गैर-अनुज्ञप्ति (गैर-लाइसेंस) वाले स्थानों पर 100 से अधिक लोगों का आयोजन करने के लिए कम से कम तीन कार्य दिवस पहले पटना नगर निगम को सूचना देना अनिवार्य होगा. आयोजकों को कचरे को अलग-अलग एकत्र कर निगम की कचरा गाड़ी को सौंपना होगा.
थोक कचरा उत्पादकों के लिए पोर्टल पर रजिस्ट्रेशन अनिवार्य
ठोस अपशिष्ट प्रबंधन नियम,2026 के अनुसार,वे संस्थान या परिसर जो प्रतिदिन 100 किलोग्राम या उससे अधिक कचरा उत्पन्न करते हैं,जिनका निर्मित क्षेत्र 20,000 वर्गमीटर या उससे अधिक है,या जो प्रतिदिन 40,000 लीटर पानी का उपयोग करते हैं,उन्हें थोक कचरा उत्पादक माना जाएगा. बड़े होटल,अपार्टमेंट,अस्पताल,मॉल,संस्थान,बाजार और बैंक्वेट हॉल जैसे सभी थोक कचरा उत्पादकों को पटना नगर निगम के पोर्टलhttps://pmcptax.bihar.gov.in/पर पंजीकरण कराना अनिवार्य होगा.
इन संस्थानों को गीले कचरे का निपटान खाद,बायोगैस या अन्य स्वीकृत तकनीक से अपने परिसर में ही करना होगा. साथ ही चार डिब्बों वाली कचरा पृथक्करण व्यवस्था अपनानी होगी और सूखे,सैनिटरी तथा विशेष देखभाल कचरे को केवल निगम द्वारा अधिकृत एजेंसी या गाड़ियों को ही सौंपना होगा. जो पुराने संस्थान अपने परिसर में गीले कचरे के निपटान की व्यवस्था नहीं कर सकते,उन्हें नगर निगम से आवश्यक प्रमाणपत्र प्राप्त करना होगा.
सार्वजनिक स्थानों पर कचरा फेंकने,जलाने,गाड़ने,नालियों या जलाशयों में डालने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी. पटना नगर निगम द्वारा ठोस अपशिष्ट प्रबंधन नियम,2026 का सख्ती से पालन कराया जा रहा है और मुख्यालय स्तर पर इसकी नियमित निगरानी की जा रही है.
पटना से अंकिता की रिपोर्ट--