बिहार में डिजिटल शिक्षा पर जोर : इंटरैक्टिव लर्निंग ऐप शुरू करने का फैसला,गुणवत्तापूर्ण और तकनीक आधारित शिक्षा देना उद्देश्य
बिहार विद्यालय परीक्षा समिति (बीएसईबी) राज्य के स्कूली छात्रों के लिए डिजिटल शिक्षा की दिशा में एक नई पहल करने जा रही है। बोर्ड ने इंटरैक्टिव लर्निंग ऐप शुरू करने का फैसला किया है,जिसके माध्यम से छात्र 15 अगस्त से अपने पाठ्यक्रम से जुड़े सवालों के जवाब 24 घंटे और सप्ताह के सातों दिन शिक्षकों से प्राप्त कर सकेंगे। इस पहल का उद्देश्य विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण और तकनीक आधारित शिक्षा उपलब्ध कराना है।
बिहार विद्यालय परीक्षा समिति के अध्यक्ष डॉ.त्यागराजन एस.एम. के अनुसार, पहले चरण में राज्य के 551 मॉडल स्कूलों सहित कुल 688 स्कूलों को इस योजना से जोड़ा जाएगा। इनमें कक्षा 9वीं से 12वीं तक के छात्र शामिल होंगे। पटना जिले के 10 मॉडल स्कूल भी इस योजना का हिस्सा हैं। इन सभी छात्रों को ऐप के उपयोग के लिए अलग-अलग लर्निंग आईडी उपलब्ध कराई जाएगी।
इस इंटरैक्टिव लर्निंग ऐप के जरिए छात्र किसी भी समय अपने विषय से संबंधित प्रश्न पूछ सकेंगे। इसके लिए बिहार बोर्ड निजी एजेंसी के सहयोग से शिक्षकों का विशेष पैनल तैयार कर रहा है। निर्धारित स्लॉट के अनुसार शिक्षक ऑनलाइन उपलब्ध रहेंगे और विद्यार्थियों की शंकाओं का समाधान करेंगे। इस सेवा के लिए किसी निश्चित समय की बाध्यता नहीं होगी, जिससे छात्र अपनी सुविधा के अनुसार पढ़ाई और मार्गदर्शन प्राप्त कर सकेंगे।
बिहार बोर्ड का मानना है कि इस डिजिटल पहल से छात्रों की पढ़ाई अधिक प्रभावी होगी और उन्हें कठिन विषयों को समझने में आसानी मिलेगी। साथ ही, दूर-दराज के क्षेत्रों में रहने वाले विद्यार्थियों को भी विशेषज्ञ शिक्षकों का मार्गदर्शन उपलब्ध हो सकेगा।
यदि यह योजना सफल रहती है, तो भविष्य में इसे राज्य के अन्य सरकारी स्कूलों तक भी विस्तारित किया जा सकता है। शिक्षा के क्षेत्र में यह पहल बिहार में डिजिटल लर्निंग को नई दिशा देने वाला महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।