बिहार की चार परीक्षाओं में पेपर लीक की जांच : अब ED के रडार पर माफिया की कमाई और संपत्ति का भी होगा हिसाब
पटना:बिहार में पेपर लीक और परीक्षा धांधली के मामलों में अब हुप्रवर्तन निदेशालय (ED) की जांच का दायरा बढ़ने जा रहा है। संजीव मुखिया मामले की जांच के बाद ED ने वर्ष 2024 और उसके बाद बिहार में हुई चार परीक्षाओं को अपनी जांच के दायरे में लिया है। इन परीक्षाओं में पेपर लीक और उससे जुड़े आर्थिक नेटवर्क की पड़ताल की जाएगी।
ED की जांच का मुख्य फोकस पेपर लीक से जुड़े आर्थिक लेन-देन पर रहेगा। जांच एजेंसी यह पता लगाएगी कि पेपर लीक कराने वाले गिरोह ने कितनी रकम कमाई, पैसा कहां से आया और किन-किन लोगों तक पहुंचा। इसके साथ ही पेपर लीक के पूरे नेटवर्क में शामिल लोगों की भूमिका और उनके बीच हुए वित्तीय लेन-देन की भी जांच की जाएगी।
बताया गया है कि टीआरई-3, नीट-2024, सीपीओ-2025 और एडीओ-2026 जैसी परीक्षाएं ED के रडार पर हैं। इन मामलों में पेपर लीक के आरोपों और उससे जुड़े आर्थिक अपराध की कड़ियों को जोड़ा जाएगा। जांच के दौरान यदि किसी व्यक्ति की संपत्ति अपराध से अर्जित आय से जुड़ी पाई जाती है तो उसे जब्त करने की कार्रवाई भी हो सकती है।
ED संबंधित परीक्षा माफिया, संगठित गिरोह और पेपर लीक से जुड़े अन्य लोगों की वित्तीय गतिविधियों की जांच करेगी। इससे बिहार में परीक्षा धांधली के मामलों में कार्रवाई का दायरा केवल पेपर लीक तक सीमित न रहकर उसके पीछे चल रहे आर्थिक नेटवर्क तक पहुंच सकता है। परीक्षा माफिया पर शिकंजा कसने की दिशा में इसे बड़ी कार्रवाई माना जा रहा है।