बिहार कैबिनेट के बड़े फैसले : बकरी पालन से शहरी विकास तक कई प्रस्तावों को मंजूरी
पटना:बिहार सरकार की मंत्रिपरिषद की बैठक में बुधवार को कई महत्वपूर्ण प्रस्तावों को मंजूरी दी गई. सरकार ने बिहार स्टूडेंट क्रेडिट कार्ड योजना को अगले पांच वर्षों,यानी वित्तीय वर्ष2026-27से2030-31तक बढ़ाने का निर्णय लिया है. इसके तहत विद्यार्थियों को बिहार राज्य शिक्षा वित्त निगम के माध्यम से चार लाख रुपये तक का शिक्षा ऋण उपलब्ध कराने की व्यवस्था जारी रहेगी.
बकरी पालकों की आय बढ़ाने के लिए बिहार राज्य बकरी पालक सहकारी परिसंघ (फेडरेशन) लिमिटेड के गठन को मंजूरी दी गई. वित्तीय वर्ष2026-27से2028-29तक इसके लिए14.79करोड़ रुपये की अनुमानित लागत स्वीकृत की गई है. फेडरेशन के माध्यम से बकरी,मीट,दूध और अन्य उत्पादों के संग्रहण,प्रसंस्करण एवं विपणन की सुविधा विकसित की जाएगी.
दुधारू पशुओं की नस्ल सुधार के लिए बक्सर के डुमरांव और मुंगेर में दो हिफर पालन केंद्र स्थापित किए जाएंगे. दोनों केंद्रों में500-500हिफर रखे जाएंगे. परियोजना की कुल लागत73.47करोड़ रुपये होगी.
शहरी विकास के लिए मुख्यमंत्री समग्र शहरी विकास योजना को2026-27से2030-31तक बढ़ाया गया है. सड़क,जल निकासी,फुटपाथ,पार्किंग,प्रकाश व्यवस्था,पार्क और घाटों जैसी सुविधाओं का विकास किया जाएगा. वहीं16वें वित्त आयोग के तहत नगर निकायों को9,169करोड़ रुपये के अनुदान के आवंटन की व्यवस्था को मंजूरी मिली.
पटना में नेहरू पथ को डाकबंगला चौराहा से रुकनपुरा तक7.20किलोमीटर में चौड़ा करने के लिए39.80करोड़ रुपये की प्रशासनिक स्वीकृति दी गई. सीतामढ़ी में आरओबी पहुंच पथ के लिए110.42करोड़ रुपये की पुनरीक्षित लागत को मंजूरी मिली.
इसके अलावा बिहार संग्रहालय और पटना संग्रहालय के संचालन के लिए40करोड़ रुपये का अनुदान,सामान्य प्रशासन विभाग में16नए कार्यालय परिचारी पदों का सृजन तथा बिहार में पशु जन्म नियंत्रण नियमावली-2023लागू करने को भी स्वीकृति दी गई.
पटना से संजय कुमार की रिपोर्ट--