BIG NEWS : पटना HC ने परीक्षा रद्द करने के मामले होल्डिंग कॉरपोरेशन के महानिबंधक के आदेश को किया निरस्त
Patna : पटना हाईकोर्ट ने वर्ग तीन व चार के कर्मियों को उच्च पदों पर अवसर प्रदान करने के लिए लिए गये परीक्षा को रद्द करने के मामले में बिहार स्टेट पॉवर होल्डिंग कॉर्पोरेशन को बड़ा झटका दिया. होल्डिंग कॉरपोरेशन के महानिबंधक के आदेश को निरस्त करते हुए तीन माह के भीतर नियुक्ति प्रक्रिया को पूरा करने का आदेश दिया. जस्टिस डॉ. अंशुमान की एकलपीठ ने69कर्मियों की ओर से दायर अर्जी पर सुनवाई के बाद यह आदेश दिया.
आवेदकों की ओर से कोर्ट को बताया गया कि बिहार पॉवर होल्डिंग कंपनी लिमिटेड (बीएसपीएचसीएल) ने अपने सहायक कम्पनियों के परामर्श से आंतरिक रिक्तियों को भरने और आवश्यक योग्यता रखने वाले मौजूदा वर्ग तीन व चार कर्मचारियों को निचले पदों पर कार्यरत हैं उन्हें उच्च पदों के लिए अवसर प्रदान करने की नीतिगत निर्णय लिया गया था. कंपनी ने रोजगार सूचना6/2024जारी की गई.
महाप्रबंधक (मानव संसाधन/प्रशासन) की अध्यक्षता में गठित चयन समिति की सिफारिश पर553रिक्तियों के विरुद्ध264सफल उम्मीदवारों की सूची प्रकाशित की गई. उसके बाद चयनित उम्मीदवारों को12सितंबर2025को दस्तावेज सत्यापन सह ज्वाइनिंग के लिए बुलाया गया.
लेकिन11सितंबर, 2025को एक नोटिस जारी कर आंतरिक भर्ती प्रक्रिया को स्थगित कर दिया गया. उनका कहना था कि17सितंबर, 2025को बोर्ड की125वी बैठक में भर्ती प्रक्रिया को रद्द कर दी गई.
उन्हों कोर्ट को बताया कि भर्ती क्यों रद्द की गई इस बारे में कोई कारण नहीं बताया गया.
वहीं कंपनी का बचाव करते हुए कोर्ट को बताया गया कि तुलनात्मक विश्लेषण करने पर प्रकाशित परिणाम अन्य सरकारी विभागों और संस्थानों में अपनाए जाने वाले मानकों और प्रक्रियाओं के अनुरूप नहीं पाया गया जिससे विभिन्न कर्मचारी वर्गों से आपत्ति उत्पन्न हुई.
कोर्ट ने सभी पक्षों की ओर से पेश दलीलों को सुनने के बाद कोर्ट ने महानिबंधक की ओर से जारी आदेश को निरस्त कर दिया. साथ ही तीन माह के भीतर नियुक्ति प्रक्रिया को पूरा करने का आदेश दिया.
पटना से आनंद वर्मा की रिपोर्ट--