BIG NEWS : पटना हाईकोर्ट ने मनरेगा इंजीनियर हत्याकांड मामले में सभी दोषियों को किया बरी
Patna : पटना हाईकोर्ट ने मनरेगा इंजीनियर उज्ज्वल राज हत्याकांड में महत्त्वपूर्ण निर्णय सुनाते हुए सभी अभियुक्तों को बरी कर दिया. जस्टिस बिबेक चौधरी और जस्टिस चंद्रशेखर झा की खंडपीठ ने कहा कि मामले में प्रस्तुत साक्ष्यों में गंभीर त्रुटियां हैं.
ये मामला वर्ष 2017 का है,जिसमें जूनियर इंजीनियर उज्ज्वल राज की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी. अभियोजन के अनुसार,माप पुस्तिका में फर्जी प्रविष्टि से इनकार करने पर उनकी हत्या की गई.
इस मामलें में सुनील कुमार,बालमुकुंद यादव,राजू कुमार,धर्मेंद्र पासवान एवं नंदन यादव को आरोपी बनाया गया था. शेखपुरा ट्रायल कोर्ट ने वर्ष 2019 में सभी को धारा 302/34 आईपीसी व आर्म्स एक्ट के तहत दोषी ठहराते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई थी.
हाईकोर्ट में अपील की सुनवाई के दौरान अभियुक्तों की ओर से अधिवक्ता प्रतीक मिश्रा ने दलील दी कि पूरा मामला कथित‘डाइंग डिक्लेरेशन’पर आधारित है,जिसे न तो मूल रूप में पेश किया गया और न ही स्वतंत्र गवाहों से इसकी पुष्टि हुई.
कोर्ट ने पाया कि कथित फर्दबयान वास्तव में पुलिस अधिकारी का पुनर्लेखन था. साथ ही,पुलिस के समक्ष दिए गए कबूलनामे को साक्ष्य मानना कानून के विरुद्ध बताया गया.
कोर्ट ने ट्रायल जज की कार्यप्रणाली पर टिप्पणी करते हुए उन्हें आपराधिक मामलों से अलग करने व विशेष प्रशिक्षण देने की अनुशंसा की.
पटना से आनंद वर्मा की रिपोर्ट--