भरत तिवारी एनकाउंटर मामला : सरकार को मिली थोड़ी राहत,जांच रिपोर्ट सौंपने के लिए अब दो सप्ताह की मोहलत
पटना:भोजपुर के चर्चित भरत तिवारी एनकाउंटर मामले में बिहार सरकार को फिलहाल राहत मिली है। बिहार राज्य मानवाधिकार आयोग (बीएचआरसी) ने सरकार को जांच रिपोर्ट सौंपने के लिए दो सप्ताह की अतिरिक्त मोहलत दे दी है। आयोग ने सरकार के अनुरोध को स्वीकार करते हुए मामले की अगली सुनवाई 3 अगस्त तय की है।
आयोग ने परिजनों को अंतरिम मुआवजा देने का दिया निर्देश
आयोग ने सुनवाई के दौरान एक महत्वपूर्ण निर्देश भी जारी किया। बीएचआरसी ने राज्य सरकार से भरत तिवारी के परिजनों को अंतरिम राहत के तौर पर मुआवजा देने को कहा है। हालांकि, मुआवजे की राशि कितनी होगी, इसका फैसला राज्य सरकार अपने स्तर पर करेगी।
कथित पुलिस एनकाउंटर में हुई थीभरत तिवारी की मौत
गौरतलब है कि 17 जून को भोजपुर जिले के शाहपुर थाना क्षेत्र के बिलौटी गांव में कथित पुलिस एनकाउंटर में भरत तिवारी की मौत हो गई थी। घटना के बाद परिजनों ने एनकाउंटर पर सवाल उठाते हुए निष्पक्ष जांच की मांग की थी। मामला सुर्खियों में आने के बाद बिहार राज्य मानवाधिकार आयोग ने स्वतः संज्ञान लिया था।
मुख्य सचिव,डीजीपी औरएसपी कोजांच रिपोर्ट दाखिल के लिए मिला था नोटिस
22 जून को आयोग ने राज्य के मुख्य सचिव, पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) और भोजपुर के पुलिस अधीक्षक (एसपी) को नोटिस जारी कर चार सप्ताह के भीतर विस्तृत जांच रिपोर्ट दाखिल करने का निर्देश दिया था। लेकिन तय समय सीमा में रिपोर्ट तैयार नहीं हो सकी। इसके बाद राज्य सरकार ने आयोग से अतिरिक्त समय की मांग की, जिसे स्वीकार कर लिया गया।
एनकाउंटर की निष्पक्षता और पुलिस कार्रवाई पर उठते रहे सवाल
अब 3 अगस्त को होने वाली अगली सुनवाई में सरकार से पूरी जांच रिपोर्ट पेश करने की उम्मीद है। रिपोर्ट के आधार पर आयोग आगे की कार्रवाई और आवश्यक निर्देश तय करेगा। इस मामले पर पूरे बिहार की नजर बनी हुई है, क्योंकि एनकाउंटर की निष्पक्षता और पुलिस कार्रवाई को लेकर लगातार सवाल उठते रहे हैं। वहीं, आयोग द्वारा परिजनों को अंतरिम मुआवजा देने का निर्देश पीड़ित परिवार के लिए एक अहम राहत माना जा रहा है।