बाबूलाल मरांडी ने राज्य सरकार पर साधा निशाना : कहा-लापता बच्चा मामले में पुलिस की भूमिका नहीं रही गंभीर
रांची: नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी ने रांची में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस करते हुएराज्य सरकार और पुलिस प्रशासन पर गंभीर आरोप लगाए.
उन्होंने कहा कि लापता बच्चा मामले में पुलिस की भूमिका बिल्कुल गंभीर नहीं रही. अगर पुलिस सच में गंभीर होती,तो आज राज्य में 2022 से अब तक लापता 413 बच्चे वापस आ चुके होते. लेकिन दुर्भाग्यपूर्ण है कि पुलिस ने इस दिशा में कभी ईमानदार प्रयास नहीं किया.
बाबूलाल मरांडी ने कहा कि इस पूरे मामले में पुलिस को किसी तरह का श्रेय नहीं दिया जाना चाहिए. असल श्रेय सामाजिक संगठनों,राजनीतिक कार्यकर्ताओं और मीडिया को जाता है,जिन्होंने दबाव बनाकर बच्चों को ढूंढने का काम किया.
उन्होंने विशेष रूप से कहा कि बजरंग दल के तीन युवक ही इस मामले के असली हीरो हैं. पुलिस द्वारा जिन इनामी राशियों की घोषणा की गई थी,उसके पहले हकदार यही तीन युवक हैं. पार्टी की ओर से भी इन तीनों युवकों को सम्मानित किया जाएगा.
मरांडी ने आरोप लगाया कि नियम के अनुसार बच्चों को पहले सीडब्ल्यूसी (बाल कल्याण समिति) के समक्ष प्रस्तुत किया जाना चाहिए था,लेकिन पुलिस ने अपनी वाहवाही लूटने के लिए प्रेस कॉन्फ्रेंस कर दी. उन्हें कानून और प्रक्रिया की कोई चिंता नहीं थी.
उन्होंने राज्य सरकार पर तीखा हमला करते हुए कहा कि हेमंत सरकार ने पुलिस विभाग को वसूली गैंग में बदल दिया है.
एसीबी (भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो) पर सवाल उठाते हुए उन्होंने कहा कि राज्य सरकार की जांच एजेंसी एसीबी ने अब तक चार्जशीट दाखिल नहीं की,जिसके कारण कई आरोपी,जिनमें आईएएस अधिकारी भी शामिल हैं,उन्हें बेल मिल गई. यह स्पष्ट रूप से दर्शाता है कि एसीबी लेन-देन में लगी हुई है.
उन्होंने यह भी बताया कि सुबह-सुबह जानकारी मिली कि ईडी के दफ्तर को राज्य सरकार की पुलिस ने घेर रखा था. वहीं,संतोष नामक व्यक्ति ने कथित तौर पर दीवार पर सिर पटक लिया,जिससे वह घायल हो गया.
मरांडी ने आरोप लगाया कि घोटालेबाजों को बचाने के लिए राज्य सरकार इस तरह की कार्रवाइयाँ कर रही है, जो बेहद दुर्भाग्यपूर्ण और लोकतंत्र के लिए खतरनाक है. उन्होंने कहा कि इस पूरे मामले में हाईकोर्ट को स्वतः संज्ञान लेना चाहिए और साथ ही सीबीआई जांच भी अनिवार्य है, क्योंकि झारखंड में फिलहाल कानून नाम की कोई चीज़ बची नहीं है.
रांची से नैयर की रिपोर्ट--