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असम पर राजनीति : हिमंता सरकार की गलत नीतियों के शिकार बने है आदिवासी समाज-हफीजुल हसन

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रांची:असम विधानसभा चुनाव को लेकर झारखंड की राजनीतिक गलियारों में भी सियासी हलचल तेज हो गई है. सत्तादल पार्टी के नेताओं ने पूरी ताकत के साथ असम में चुनाव प्रचार किया. असम चुनाव को लेकर पक्ष-विपक्ष के नेता अपनी-अपनी प्रतिक्रिया दे रहे हैं. इसी क्रम में हेमंत सरकार के कैबिनेट मंत्री हफीजुल हसन ने असम चुनाव को लेकर बड़ा बयान दिया है.

'जेएमएम अपने बल पर जीतेगी असम चुनाव'

मंत्री हफीजुल हसन ने कहा कि जिस प्रकार से झारखंड मुक्ति मोर्चा ने संघर्ष और लड़ाई के बदौलत झारखंड चुनाव जीता है. इसी प्रकार पार्टी अपने बल पर असम चुनाव भी जीत रही है. मंत्री हफीजुल हसन ने असम सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि देश में असम एक ऐसा राज्य है, जहां अन्य राज्यों से गए आदिवासियों से बंधुआ मजदूर की तरह काम लिया जाता है. आदिवासी समाज को आज भी वहां एससी-एसटी का दर्जा नहीं मिला है.

'कुछ सीटों पर पार्टी की जीत का दावा'

उन्होंने कहा कि आदिवासी समाज वहां वर्तमान सरकार की गलत नीतियों के शिकार है और उन्हें किसी प्रकार की कोई सुविधा नहीं मिलता है, बल्कि वह भारी मुसीबत में है और उसे निकालने का काम जेएमएम करेगी. हफीजुल हसन ने यह भी कहा कि उनकी पार्टी असम में 18 सीटों पर चुनाव लड़ रही है. जिसमें कुछ सीटों पर उन्हें सफलता अवश्य मिलेगी, लेकिन बाकी सभी सीटों पर पार्टी अपनी मजबूत पकड़ बनाने में सफल रहेगी.

'असम के लोग हेमंत-कल्पना को मान चुके नेता'

वहीं, आगे उन्होंने कहा कि झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन और विधायक कल्पना सोरेन की जोड़ी को वहां के आदिवासी समाज नेता मान चुके हैं और आदिवासी समाज का इन दोनों पर पूरा विश्वास है. ऐसे में आने वाले समय में असम में जेएमएम की भूमिका से कोई इनकार नहीं कर सकता.