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झारखंड में जेएमएम और सहयोगी दलों का 27 सितम्बर को भारत बंद का आह्वान...मुद्दा केन्द्र की नीतियों के विरोध का लेकिन आजमाइश अपनी एकता दिखाने की ....

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रांची- झारखंड में पिचले कुछ दिनों से सत्ताधारी गठबंधन में सबकुछ ठीक नहीं चल रहा है। विधानसभा सत्र के दौरान चाहे नमाज के कमरा वंटन का मामला हो, नई नियोजन नीति हो या फिर भोजपुरी और मगही भाषा को लेकर मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन का बयान हो। विपक्षी दल बीजेपी के साथ साथ जेएमएम और हेमंत सोरेन की सरकार को उनके सहयोगी दलों ने भी कठघऱे में खडा किया है। पिछले दिनों कांग्रेसी नेता डा अजय कुमार द्वारा मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन को नमाज के लिए कमरा आवंटन और नियोजन नीति पर पत्र लिखना यह बतानो के लिए काफी है कि गठबंधन में सबकुछ ठीक नहीं है।

भारत बंद का आह्वान

इसी दूरी को पाटने के लिए कांग्रेस भवन में कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष राजेश ठाकुर की अध्यछता में संयुक्त बैठक हुई। ,जिसमे कांग्रेस, जेएमएम, आरजेडी, एनसीपी, तृणमूल, कांग्रेस, वामदल के नेता हुए। बैठक में कांग्रेस प्रदेश अध्यछ राजेश ठाकुर ने कहा कि कांग्रेस की राष्ट्रीय अध्यक्ष सोनिया गांधी ने पिछले दिनों 19 गैर भाजपाई दलों के साथ बैठक की थी जिसमें निर्णय लिया गया था कि जिस तरह से केंद्र सरकार लगातार तानाशाही रवैया अपनाकर संवैधानिक संस्थानों के साथ छेड़छाड़ व कानून को धता बताकर और अर्थव्यवस्था को चौपट कर पेगासस जैसे स्पाइवेयर का इस्तेमाल कर लोकतंत्र का गला घोटने का काम कर रही है किसान पिछले 9 महीने से धरना प्रदर्शन कर रहे हैं। इसके बावजूद उनकी अब तक कुछ कि केंद्र सरकार ने नहीं सुनी है और हजारों किसानों की मौत हुई है। लेकिन केंद्र सरकार की ओर से कोई पहल नहीं की गई है इसे ध्यान में रखते हुए 27 सितंबर को भारत बंद का आह्वान किया गया है इस बंद को प्रखंड स्तर तक सफल बनाया जाएगा और 29 सितंबर को धरना प्रदर्शन के माध्यम से केंद्र सरकार की कुंभकरण नींद को खोलने का काम करेंगे।

26 से 29 सितम्बर तक का कार्यक्रम

झारखंड मुक्ति मोर्चा के केंद्रीय महासचिव विनोद पांडे ने कहा कि 26 सितंबर से कार्यक्रम शुरू होगा जिसके तहत मशाल जुलूस के साथ कार्यक्रम आंदोलन की शुरुआत होगी 27 सितंबर को भारत बंद को सफल बनाने के लिए बातचीत की गई है। वहीं 29 सितंबर को धरना प्रदर्शन सभी जिला मुख्यालय पर किया जाएगा। उसे सफल बनाने के लिए जिला स्तर पर समन्वय स्थापित कर ज्यादा से ज्यादा लोगों को इस कार्यक्रम में जोड़ने का प्रयास किया जाएगा। केंद्र सरकार की जनविरोधी नीति और निर्माण के खिलाफ जनाक्रोश है।