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सरायकेला का कनेक्टिविटी होगा मजबूत : NH-33पर 214.79 करोड़ की लागत से होगा कायाकल्प

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सरायकेला: चौका थाना क्षेत्र से गुजरने वाली रांची-टाटा राष्ट्रीय राजमार्ग NH-33 के रामपुर से घाटशिला के पास महुलिया तक सड़क को अब नई मजबूती मिलेगी. इस 4-लेन सड़क के सुदृढ़ीकरण और चौड़ीकरण कार्य का भूमि पूजन गुरुवार को चौका स्थित रोड ओवर ब्रिज के पश्चिम में दादुर बागान में किया गया. इस परियोजना पर कुल 214.79 करोड़ की लागत आएगी. भूमि पूजन कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में रक्षा राज्य मंत्री संजय सेठ मौजूद रहे. विशिष्ट अतिथि के रूप में जमशेदपुर सांसद विद्युत वरण महतो शामिल हुए. दोनों सांसदों ने संयुक्त रूप से शिलापट्ट का अनावरण किया. वहीं,इस सड़क के निर्माण से टाटा, रांची, घाटशिला और बंगाल जाने वाले हजारों यात्रियों को राहत मिलेगी. साथ ही इस औद्योगिक बेल्ट की लॉजिस्टिक लागत भी कम होगी.

मोदी सरकार की प्राथमिकता-बेहतर सड़क,जनता की सुविधा

संजय सेठ ने भूमि पूजन के बाद आयोजित जनसंवाद को संबोधित करते हुए कहा कि रांची से टाटा को जोड़ने वाली NH-33 झारखंड की सबसे व्यस्त सड़कों में से एक है. रामपुर से महुलिया तक के इस खंड के सुदृढ़ीकरण से न सिर्फ आवागमन सुगम होगा,बल्कि पूर्वी सिंहभूम और सरायकेला-खरसावां जिले की कनेक्टिविटी भी मजबूत होगी. 214.79 करोड़ की लागत से बनने वाली यह सड़क क्षेत्र के विकास का नया अध्याय लिखेगी. उन्होंने कहा कि मोदी सरकार की प्राथमिकता बेहतर सड़क, बेहतर संपर्क और जनता की सुविधा है. इस सड़क के बनने से औद्योगिक विकास को भी गति मिलेगी.

सांसद विद्युत वरण महतो नेप्रधानमंत्री का जताया आभार

वहीं, सांसद विद्युत वरण महतो ने आभार जताते हुए कहा कि इस क्षेत्र की लंबे समय से चली आ रही मांग अब पूरी हो रही है. उन्होंने कहा कि "चौका से घाटशिला तक की सड़क की हालत लगातार खराब रहती थी. दुर्घटनाएं होती थीं, अब सुदृढ़ीकरण के बाद यहां सफर सुरक्षित और आरामदायक हो जाएगी. इस मौके पर उन्होंने केंद्रीय मंत्री और प्रधानमंत्री का आभार व्यक्त किया.

सांसदों ने स्थानीय लोगों से किया सीधा संवाद

जनसंवाद में सुनीं जनता की समस्याएं भव्य भूमि पूजन के बाद दोनों सांसदों ने स्थानीय लोगों से सीधा संवाद किया. ग्रामीणों ने बिजली, पानी और स्वास्थ्य से जुड़ी समस्याएं रखीं. सांसदों ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि सड़क निर्माण के दौरान स्थानीय लोगों को रोजगार में प्राथमिकता दी जाए और मुआवजे का भुगतान समय पर हो.