सहकारिता विभाग की बड़ी पहल : JLG और SHG से जुड़ी 8,723 महिलाओं को मिला 32 करोड़ से अधिक का लोन
पटना: बिहार में सहकारिता विभाग वित्तीय समावेशन को लेकर बड़ी पहल कर रहा है. बिहार राज्य सहकारी बैंक लिमिटेड अपने एवं जिला केंद्रीय सहकारी बैंकों के माध्यम से किसानों के साथ-साथ ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने का कार्य कर रहा है. सहकारिता मंत्री रामकृपाल यादव ने बताया कि महिला सशक्तीकरण की दिशा में महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल हुई है. संयुक्त देयता समूह (जेएलजी) एवं स्वयं सहायता समूह (एसएचजी) के माध्यम से अब तक कुल 8,723 महिलाओं को 32 करोड़ 26 लाख रुपये का लोन उपलब्ध कराया गया है. इससे ग्रामीण महिलाओं को स्वरोजगार और आत्मनिर्भरता की दिशा में बड़ी मदद मिल रही है. उन्होंने कहा कि हमारा लक्ष्य सहकारिता के माध्यम से गांव-गांव तक वित्तीय समावेशन को पहुंचाना है. ग्रामीण महिलाएं स्वरोजगार से जुड़कर आत्मनिर्भर बन रही हैं. आने वाले समय में इसके बेहतर परिणाम देखने को मिलेंगे. सहकारिता के जरिए राज्य की महिलाएं बिहार के विकास की धुरी बनेंगी.
गांव-गांव तक पहुंच रही बैंकिंग सेवाएं
सहकारी बैंकों के माध्यम से 186 दुग्ध सहकारी समितियों,618 पैक्स,19 पीवीसीएस एवं 07 अन्य सहकारी समितियों को बैंक मित्र के रूप में विकसित किया गया है. इन केंद्रों पर माइक्रो-एटीएम के माध्यम से ग्रामीण क्षेत्रों में बैंकिंग सेवाओं का विस्तार किया गया है,जिससे अब किसानों को बैंक के लिए दूर नहीं जाना पड़ रहा है. सहकारिता के जरिए गांव-गांव तक बैंकिंग सेवाएं पहुंच रही हैं.
दिनांक 16 अगस्त से एक माह तक विशेष अभियान चलाया जा रहा है,जिसके तहत दुग्ध सहकारी समितियों,पैक्स,पीवीसीएस,अन्य सहकारी समितियों एवं उनके सदस्यों के नए खाते खोले जा रहे हैं.
आधुनिक सुविधाओं से लैस हो रहे सहकारी बैंक
सहकारी बैंकों को आधुनिक बनाने की दिशा में सभी 23 जिला केंद्रीय सहकारी बैंकों एवं बिहार राज्य सहकारी बैंक का सीबीएस अपग्रेडेशन पूरा कर लिया गया है. इसके बाद अब सहकारी बैंकों में भी जल्द ही मोबाइल बैंकिंग, नेट बैंकिंग जैसी आधुनिक सुविधाएं शुरू हो सकेंगी, जिससे सहकारी बैंक भी अन्य व्यावसायिक बैंकों की तरह ग्राहकों को सुविधाएं देने में सक्षम होंगे. इसके अलावा, बिहार राज्य सहकारी बैंक द्वारा इफको-टोकियो के माध्यम से सहकारी बैंकों एवं समितियों से जुड़े किसानों एवं आमजनों को बीमा सुविधा भी उपलब्ध कराई जा रही है, जिससे किसानों और उनके परिवारजनों को आर्थिक सुरक्षा मिल रही है.