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सहरसा में बारिश की कमी ने बढ़ाई परेशानी : धान की खेती पर संकट,किसान बोले-बढ़ी लागत,नहीं मिला डीजल अनुदान

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सहरसा:जिले में बारिश की कमी ने किसानों की परेशानी बढ़ा दी है. धान की खेती पर संकट खड़ा कर दिया है. किसान सिंचाई के लिए डीजल पंप का सहारा लेने को मजबूर है,जिससे खेती की लागत बढ़ गई है. किसानों का आरोप है कि ना समय पर डीजल अनुदान मिल रहा है और ना ही फसल क्षति का मुआवजा. हालांकि,मौसम विभाग ने जल्द अच्छी बारिश की संभावना जताई है.

पर्याप्त बारिश नहीं होने से धान की खेती प्रभावित

सहरसा के ग्रामीण इलाकों में पर्याप्त बारिश नहीं होने से धान की खेती प्रभावित हो रही है. खेतों में पानी की कमी के कारण किसान मोटर और डीजल पंप से सिंचाई कर रहे हैं. इससे खेती की लागत लगातार बढ़ती जा रही है. ऊंचे इलाकों में धान का बिचड़ा तैयार करना भी किसानों के लिए बड़ी चुनौती बन गया है.

सरकारी डीजल अनुदान समय पर नहीं मिलने पर नाराजगी

किसानों का कहना है कि खाद के दाम बढ़ गए हैं और सरकारी डीजल अनुदान समय पर नहीं मिल रहा. फसल क्षति के लिए आवेदन देने के बावजूद अब तक मुआवजा नहीं मिला है. किसानों ने आरोप लगाया है कि सरकारी योजनाओं का लाभ वास्तविक किसानों तक नहीं पहुंच रहा है.

अगले कुछ दिनों मेंअच्छी बारिश की संभावना

वहीं, मौसम वैज्ञानिक रामानन्द पटेल ने अगले कुछ दिनों में आंधी, बिजली की गरज और अच्छी बारिश की संभावना जताई है. उन्होंने बताया कि जिन किसानों की नर्सरी तैयार है, वे रोपाई की तैयारी शुरू कर दे. साथ ही तेज हवा और वज्रपात को देखते हुए पशुपालकों को, मवेशियों को सुरक्षित स्थान पर रखने की सलाह दी गई है.

अब उम्मीद मौसम विभाग के पूर्वानुमान पर टिकी

बारिश की कमी से किसानों की चिंता बढ़ गई है. अब उनकी उम्मीद मौसम विभाग के पूर्वानुमान पर टिकी है. यदि जल्द अच्छी बारिश होती है तो धान की खेती को राहत मिल सकती है,लेकिन सरकारी सहायता समय पर मिलना भी किसानों के लिए उतना ही जरूरी है.