ऑनलाइन दवा बिक्री के खिलाफ प्रदर्शन : कटिहार में 2800 मेडिकल दुकानों पर ताला
कटिहार : जिले में दवा कारोबारियों ने ऑनलाइन दवा बिक्री के विरोध में प्रदर्शन किया है. बुधवार को ऑल इंडिया ऑर्गेनाइजेशन ऑफ केमिस्ट एंड ड्रगिस्ट के आह्वान पर जिलेभर के दवा विक्रेताओं ने एक दिवसीय हड़ताल करते हुए करीब 2800 मेडिकल दुकानों पर ताला लटका दिया. हड़ताल के कारण जिले में दवा बाजार पूरी तरह प्रभावित रहा, हालांकि गंभीर मरीजों की जरूरतों को देखते हुए कुछ चुनिंदा मेडिकल दुकानों को इमरजेंसी सेवा के लिए खुला रखा गया.
कटिहार डिस्ट्रिक्ट केमिस्ट एसोसिएशन के बैनर तले बड़ी संख्या में दवा विक्रेता सदर अस्पताल गेट के सामने धरना-प्रदर्शन पर बैठे. इस दौरान प्रदर्शनकारियों ने“ऑनलाइन दवा बिक्री बंद करो”, “नकली दवाइयों से देश को बचाओ”और“दवा व्यापार बचाओ”जैसे नारों से माहौल को गूंजायमान कर दिया.
दवा कारोबारियों का कहना था कि बिना उचित निगरानी के ऑनलाइन प्लेटफॉर्म के जरिए दवाइयों की बिक्री लोगों के स्वास्थ्य के लिए गंभीर खतरा बनती जा रही है. उनका आरोप है कि ऑनलाइन माध्यम से नकली,एक्सपायरी और बिना चिकित्सकीय सलाह की दवाइयां आसानी से लोगों तक पहुंच रही है,जिससे मरीजों की जिंदगी जोखिम में पड़ सकती है.
जिला संगठन के अध्यक्ष मधु अग्रवाल ने कहा कि ऑनलाइन दवा बिक्री के कारण छोटे और मध्यम स्तर के दवा दुकानदारों का व्यवसाय लगातार प्रभावित हो रहा है. उन्होंने कहा कि मेडिकल दुकानों पर मौजूद प्रशिक्षित फार्मासिस्ट मरीजों को दवा के उपयोग,मात्रा और सावधानियों की सही जानकारी देते हैं,जबकि ऑनलाइन व्यवस्था में इस तरह की प्रत्यक्ष सुविधा उपलब्ध नहीं हो पाती.
वहीं,जिला सचिव पंकज कुमार शाह ने कहा कि दवा कोई सामान्य उपभोक्ता वस्तु नहीं,बल्कि लोगों के जीवन से जुड़ा संवेदनशील विषय है. उन्होंने आरोप लगाया कि कई ऑनलाइन प्लेटफॉर्म पर बिना डॉक्टर की पर्ची के भी दवाइयां उपलब्ध करा दी जाती हैं,जो गंभीर खतरे को जन्म दे सकता है.
पूर्व जिला अध्यक्ष गोपी तंबाखुवाला ने सरकार से दवा कारोबारियों की समस्याओं को गंभीरता से लेने की मांग की. पूर्व सचिव वीरेंद्र यादव ने चेतावनी दी कि यदि सरकार ने उनकी मांगों पर ध्यान नहीं दिया तो आंदोलन को और व्यापक रूप दिया जाएगा. वहीं शंकर प्रसाद गुप्ता ने कहा कि ऑनलाइन दवा बिक्री मरीजों के जीवन के साथ खिलवाड़ के समान है.
हालांकि हड़ताल के बीच संगठन ने मानवीय पहल भी दिखाई. गंभीर मरीजों को किसी प्रकार की परेशानी न हो,इसके लिए इमरजेंसी सेवाओं के तहत कुछ मेडिकल दुकानों को खुला रखा गया,ताकि जरूरतमंदों को दवा की कमी का सामना न करना पड़े.
इस अवसर पर कोषाध्यक्ष किशोर कुमार, उपाध्यक्ष शाहबाज हसन, संगठन सचिव सलाउद्दीन, संयुक्त सचिव मधुकर कुमार, लक्ष्मीकांत अग्रवाल, इंद्रभूषण प्रसाद, सच्चिदानंद महतो, संजय कुमार चौधरी, सरवन मध्ययनी, शंकर कुमार गुप्ता, ऋषि कसवानी, विमल कुमार, विजय भगत, विनोद भगत, संजय कुमार झा, प्रशांत गिरी, अंकित, प्रेमजीत चौधरी समेत बड़ी संख्या में दवा विक्रेता मौजूद रहे.
कटिहार से रितेश कुमार की रिपोर्ट-