नई दिल्ली : झारखंड और केंद्र के बीच MOU पर हस्ताक्षर,हेमंत सोरेन ने उठाए फंड और परियोजनाओं से जुड़े मुद्दें
नई दिल्ली/रांची: जल जीवन मिशन (JJM) 2.0 के तहत झारखंड सरकार और भारत सरकार के जल शक्ति मंत्रालय के बीच महत्वपूर्ण समझौता ज्ञापन (MoU) पर हस्ताक्षर किए गए. दिल्ली में आयोजित कार्यक्रम में झारखंड सरकार के पेयजल एवं स्वच्छता मंत्री योगेंद्र प्रसाद शामिल हुए. जबकि मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ऑनलाइन माध्यम से कार्यक्रम से जुड़े रहे.
केंद्रीय जल शक्ति मंत्री सीआर. पाटिल ने की बैठक की अध्यक्षता
समारोह की अध्यक्षता केंद्रीय जल शक्ति मंत्री सीआर. पाटिल ने की. कार्यक्रम की शुरुआत केंद्रीय मंत्री सी.आर. पाटिल और झारखंड सरकार के मंत्री योगेंद्र प्रसाद के बीच अभिवादन आदान-प्रदान से हुई. बैठक में केंद्रीय राज्य मंत्री वी. सोमन्ना, जल शक्ति मंत्रालय के सचिव, राष्ट्रीय जल जीवन मिशन (NJJM) के प्रबंध निदेशक सहित केंद्र और राज्य सरकार के कई वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे.

झारखंड में 24,635 करोड़ की योजनाओं का हो रहा क्रियान्वयन
बैठक के दौरान मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने बताया कि वर्ष 2019-20 से जल जीवन मिशन के अंतर्गत राज्य में कुल 24,635 करोड़ रुपये की लागत वाली पेयजल योजनाओं का क्रियान्वयन किया जा रहा है. उन्होंने मल्टी विलेज स्कीम (MVS) और सिंगल विलेज स्कीम (SVS) के माध्यम से ग्रामीण क्षेत्रों तक शुद्ध पेयजल पहुंचाने के प्रयासों की जानकारी दी.
केंद्र से लंबित राशि की मांग
मुख्यमंत्री ने कहा कि वित्तीय वर्ष 2024-25 और 2025-26 में अब तक केंद्र सरकार की ओर से पर्याप्त धनराशि जारी नहीं की गई है. उन्होंने बताया कि राज्य में 55 प्रतिशत परियोजनाएं पूरी हो चुकी हैं, जबकि केंद्र की ओर से मात्र 46 प्रतिशत अनुदान ही प्राप्त हुआ है. इस दौरान केंद्र सरकार से लगभग 6,500 करोड़ रुपये की लंबित सहायता राशि शीघ्र जारी करने की मांग की गई.
योजनाओं के लिए समय पर NOC देने पर जोर
हेमंत सोरेन ने कहा कि जल जीवन मिशन की परियोजनाओं को समय पर पूरा करने के लिए केंद्र सरकार की विभिन्न एजेंसियों द्वारा एनओसी (NOC) देने की प्रक्रिया में तेजी लाने की जरूरत है. उन्होंने भविष्य की सभी डीपीआर (DPR) में सभी आवश्यक घटकों को अनिवार्य रूप से शामिल करने की भी मांग की.
गांवों में जल सहिया व्यवस्था को मजबूत करने की पहल
मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने बताया कि राज्य सरकार ने प्रत्येक गांव में जल सहिया की तैनाती की है, जिन्हें प्रतिमाह 2,500 रुपये की सहायता राशि दी जा रही है। उन्होंने इस व्यवस्था को और प्रभावी बनाने के लिए केंद्र सरकार से सहयोग की अपेक्षा जताई.
रेट्रोफिटिंग और O&M के लिए केंद्र नहीं देगा वित्तीय सहायता
बैठक के दौरान केंद्रीय जल शक्ति मंत्री सी.आर. पाटिल ने स्पष्ट किया कि रेट्रोफिटिंग तथा संचालन एवं रखरखाव (O&M) कार्यों के लिए केंद्र सरकार कोई अतिरिक्त वित्तीय सहायता उपलब्ध नहीं कराएगी। उन्होंने कहा कि इस उद्देश्य के लिए 16वें वित्त आयोग के तहत पंचायती राज संस्थाओं (PRI) को मिलने वाले अनुदान का उपयोग किया जा सकता है।
झारखंड के लिए 2,500 करोड़ रुपये का विशेष आवंटन
बैठक में झारखंड के लिए विशेष रूप से 2,500 करोड़ रुपये की राशि आवंटित किए जाने की जानकारी दी गई। साथ ही राज्य सरकार को JJM 2.0 के मानकों और दिशा-निर्देशों का पूर्ण अनुपालन सुनिश्चित करने को कहा गया ताकि धनराशि निर्गत करने की प्रक्रिया सुचारू रूप से आगे बढ़ सके।
परियोजनाओं की होगी सख्त निगरानी
बैठक में निर्णय लिया गया कि 100 करोड़ रुपये से अधिक लागत वाली परियोजनाओं की उच्च स्तर पर नियमित समीक्षा की जाएगी। साथ ही जिलाधिकारियों को जल जीवन मिशन परियोजनाओं की निगरानी और क्रियान्वयन में सक्रिय भूमिका निभाने के निर्देश दिए गए। बैठक में 1,400 करोड़ रुपये की कथित अनुचित लागत वाले ओवरसाइज्ड घटकों की भी समीक्षा करने का निर्णय लिया गया।
हर ग्रामीण परिवार तक नल से जल पहुंचाने का लक्ष्य
बैठक का समापन MoU के दिशा-निर्देशों के शीघ्र क्रियान्वयन और चल रही परियोजनाओं को तेज गति से पूरा करने के आह्वान के साथ हुआ. सभी पक्षों ने झारखंड के प्रत्येक ग्रामीण परिवार तक नल से स्वच्छ पेयजल पहुंचाने के लक्ष्य को समयबद्ध तरीके से पूरा करने की प्रतिबद्धता दोहराई.