महिला उत्पीड़न मामला : विधायक भूषण बाड़ा समेत पांच आरोपियों को हाईकोर्ट से बड़ा झटका
रांची: झारखंड हाईकोर्ट ने महिला उत्पीड़न और मारपीट मामले में जसिंता मिन्ज, समीर मिन्ज, एमा बाड़ा, जोसिमा जक्षा और सिमडेगा विधायक भूषण बाड़ा को बड़ा झटका लगा है. हाईकोर्ट ने इन सभी आरोपियों की याचिका खारिज करते हुए केस खत्म करने से इनकार कर दिया. जस्टिस अनिल कुमार चौधरी की अदालत ने कहा कि पहले से चल रहे शिकायत केस को सिर्फ इसलिए खत्म नहीं किया जा सकता क्योंकि बाद में दर्ज एक पुलिस केस को हाईकोर्ट पहले रद्द कर चुका है.
क्या है पूरा मामला
मामला साल 2018 का है. शिकायतकर्ता महिला ने आरोप लगाया था कि वह अपनी दोस्त सोनी मिन्ज की शादी की जानकारी उसके परिवार वालों को देने गांव गई थी. आरोप है कि गांव पहुंचने पर वहां मौजूद लोगों ने उसके साथ अभद्र व्यवहार किया. महिला का दुपट्टा खींचा गया, मारपीट की गई और अपमानित किया गया.इसी शिकायत के आधार पर केस दर्ज हुआ था, जो बाद में MP/MLA कोर्ट में ट्रांसफर हुआ.
कोर्ट ने क्यों खारिज की याचिका
हाईकोर्ट ने कहा कि शिकायत केस पहले दर्ज हुआ था.बाद में दर्ज पुलिस केस खत्म होने से पहले वाले केस पर असर नहीं पड़ता। दोनों मामलों के आरोप पूरी तरह एक जैसे नहीं हैं। कोर्ट ने यह भी माना कि गवाहों के बयान में महिला का दुपट्टा खींचने और अभद्र व्यवहार करने की बात सामने आई है। इसलिए IPC की धारा 354 जोड़ना पूरी तरह सही है।
धारा 354 जोड़ने को सही माना
कोर्ट ने कहा कि ट्रायल के दौरान आए गवाहों के बयान prima facie धारा 354 लगाने के लिए पर्याप्त हैं. ऐसे में ट्रायल कोर्ट द्वारा अतिरिक्त धारा जोड़ने में कोई गलती नहीं हुई. झारखंडहाईकोर्ट ने पूरी याचिका खारिज करते हुए साफ कर दिया कि मामले की सुनवाई जारी रहेगी. अब MP/MLA कोर्ट में ट्रायल आगे बढ़ेगा.
रांची से संवाददाता राहुल कुमार की रिपोर्ट