लातेहार पुलिस को मिली बड़ी सफलता : JJMP के सब-जोनल कमांडर समेत 2 नक्सलियों ने डाला हथियार, पुलिस के समक्ष किया सरेंडर
लातेहार : बड़ी खबर झारखंड के लातेहार से है जहां जेजेएमपी नक्सली संगठन का सब-जोनल कमांडर समेत दो नक्सलियों ने झारखंड सरकार की आत्मसमर्पण एवं पुनर्वास नीति से प्रभावित होकर पुलिस के समक्ष आत्मसमर्पण कर दिया है.
बताया जा रहा है कि झारखंड जनमुक्ति परिषद (JJMP)संगठन के दो नक्सलियों ने बुधवार को पुलिस के समक्ष सरेंडर कर समाज के मुख्यधारा से जुड़े हैं. समर्पण करने वालों में5लाख का इनामी सह सब-जोनल कमांडर ब्रजेश यादव उर्फ राकेश और दूसरा एरिया कमांडर अवधेश लोहरा उर्फ रोहित का नाम शामिल है. राकेश जी गुमला जिले के बिशनपुर थानाक्षेत्र के कठोकटवा गांव का निवासी है,वहीं अवधेश लोहरा लातेहार के हेरहंज थाना क्षेत्र के बंदुवा गांव के रहने वाला है. दोनों उग्रवादियों ने पलामू आईजी शैलेंद्र कुमार सिन्हा,एसपी कुमार गौरव,सीआरपीएफ11वीं बटालियन के कमांडेंट यादराम बुनकर और एसएसबी32बटालियन के कमांडेंट राजेश कुमार के समक्ष आत्मसमर्पण किया है जहां अधिकारियों ने पुष्पगुच्छ देकर इनाम की राशि प्रदान कर मुख्यधारा में जुड़ने पर स्वागत किये. आत्मसमर्पण प्रक्रिया के दौरान दोनों उग्रवादियों के परिजन भी मौजूद थे.
इधर पलामू प्रक्षेत्र आईजी शैलेंद्र कुमार सिन्हा ने कहा कि लातेहार जिला अब पहले जैसा नहीं रहा,यहां काफी बदलाव आया है. पुलिस को लगातार सफलता मिल रही है. इस वर्ष अब तक कुल21नक्सली आत्मसमर्पण कर चुके हैं. उन्होंने आगे कहा कि आज5लाख के इनामी समेत दो नक्सलियों ने आत्मसमर्पण किया है. अब ये अपनी जिंदगी परिवार के साथ सामान्य रूप से गुजार सकेंगे. उन्होंने भटके नक्सलियों को मुख्यधारा में लौटाने का भी आह्वान किया.
वहीं एसपी कुमार गौरव ने कहा कि पुलिस के निरंतर अभियान का ही परिणाम है कि नक्सली अब आत्मसमर्पण की ओर बढ़ रहे हैं. इस मुहिम में आम जनता का भी सहयोग मिल रहा है. उन्होंने आगे कहा कि जिले में जेजेएमपी खत्म होने के कगार में है. चार से पांच की संख्या में बचे हैं. वह भी भागे फिरे चल रहे हैं. उनसे भी अपील है कि आत्मसमर्पण करें नहीं तो गोली खाने के लिए तैयार रहें. बताते चलें कि5लाख इनामी नक्सली ब्रजेश यादव लगभग20वर्षों से नक्सली गतिविधियों में सक्रिय था. वह पहले माओवादी संगठन में सक्रिय था और2010में गिरफ्तारी के बाद जेल गया था.2018में रिहा होने के बाद उसने जेजेएमपी संगठन में शामिल होकर सब-जोनल कमांडर का पद संभाला. उसके खिलाफ बिशनपुर और चैनपुर थानों में कुल10आपराधिक मामले दर्ज हैं. वहीं अवधेश लोहरा के खिलाफ5आपराधिक मामले दर्ज हैं. दोनों कई हिंसक घटनाओं में शामिल रहे हैं.