कोयल नदी का रौद्र रूप : निचले इलाकों में बाढ़ और जलजमाव,कई घरों में घुसा पानी
पलामू:जिला मुख्यालय मेदिनीनगर में कोयल नदी का जलस्तर उफान पर है. सूचना मिलते ही शुक्रवार सुबह जिला प्रशासन की टीम कोयल रिवर फ्रंट पहुंची और बाढ़ की स्थिति का जायजा लिया. मूसलाधार बारिश के बाद ऊपरी इलाकों से पानी कोयल नदी में पहुंचा, जिससे नदी में अचानक बाढ़ आ गई. इसका सबसे ज्यादा असर कोयल नदी के किनारे बसे निचले इलाकों में देखने को मिला.राहत नगर, पहाड़ी मोहल्ला, आला एकेडमी मार्ग, गम्हेल रोड और झोपड़पट्टी सहित कई इलाकों में बाढ़ और जलजमाव की स्थिति उत्पन्न हो गई. राहत नगर में दर्जनों घरों में पानी घुस गया,जिससे पूरा मोहल्ला तालाब में तब्दील हो गया. कई परिवारों को आंशिक नुकसान भी उठाना पड़ा है. जलजमाव के कारण लोगों का घरों से निकलना मुश्किल हो गया है और दोपहिया वाहनों का आवागमन भी बाधित है. स्थानीय लोगों को आशंका है कि लंबे समय तक जलजमाव रहने से बीमारी और महामारी का खतरा बढ़ सकता है.

स्थानीय निवासी जुबेर आलम ने बताया कि कोयल नदी से निकली सोती नदी की उचित व्यवस्था नहीं होने के कारण बाढ़ का पानी निर्धारित रास्ते से जाने के बजाय मोहल्लों में प्रवेश कर जाता है। उन्होंने प्रशासन से सोती नदी को बांधने और स्थायी समाधान की मांग की है। स्थानीय लोगों का कहना है कि कोयल नदी का जलस्तर बढ़ने पर हर वर्ष इन इलाकों में बाढ़ का पानी घुसता है। ऐसे में लोगों ने प्रशासन से स्थायी जल निकासी और बाढ़ से बचाव के लिए ठोस व्यवस्था करने की मांग की है.