खूब फल रहा जरबेरा फूल की खेती : पूर्वी सिंहभूम के किसान बन रहे आत्मनिर्भर
जमशेदपुर:शहर में एक किसान ने आत्मनिर्भर भारत का मिसाल कायम किया है. जरबेरा (Gerbera) फूल की खेती से कई किसान आत्मनिर्भर बन रहे हैं और अच्छी कमाई कर अपने परिवार का भरण पोषण कर रहे हैं. यह कहना हैं जिला उद्यान पदाधिकारी अनिमा लकड़ा का. यह फूल की खेती पारंपरिक फसलों की तुलना में ज्यादा लाभदायक साबित हो रही है. जरबेरा फूल की मांग पूरे साल रहती है. खास कर शादी-विवाह के मौसम में, होटल सजावट, खास मौके पर दिए जाने वाले बुके और डेकोरेशन में इसकी निरंतर डिमांड रहती है.

सरकारी सब्सिडी और उद्यान विकास योजना के तहत 50% तक अनुदान मिलता है,जिससे लागत कम हो जाती है. जिला उद्यान पदाधिकारी अनीमा लकड़ा ने कहा कि जरबेरा फूल से किसान न की सिर्फ रोजगार कर रहे हैं, बल्कि आत्मनिर्भर भी बन रहें हैं. जिले में कुल 20 युनिट किसानों को दिया गया हैं, पिछले कई सालों से जरबेरा की खेती पूर्वी सिंहभूम जिले में किया जा रहा हैं और सरकार की एक अच्छी योजना हैं.
जरबेरा की खेती न सिर्फ किसानों को आर्थिक रूप से मजबूत बनाती है, बल्कि युवा किसानों को आकर्षित भी कर रही है और किसान इस खेती के माध्यम से आत्मानिर्भर बन रहें हैं. रंग-बिरंगे और आकर्षक दिखने वाले ये फूल बाजारों में हमेशा मांग में रहते हैं.
जमशेदपुर से बिनोद केसरी की रिपोर्ट