झारखंड विधानसभा : सदन में गूंजा DMFT का मुद्दा,प्रदीप यादव बोले-इस फंड को कैसे उपयोग किया जाए
रांची: झारखंड विधानसभा के बजट सत्र की कार्यवाही आज अल्पसूचित प्रश्न के साथ शुरू हुई. सदन की कार्यवाही शुरु होते ही विधायक प्रदीप यादव ने DMFT फंड का मुद्दा उठाया. विधायक ने कहा कि इस फंड को कैसे उपयोग किया जाए.
जवाब में मंत्री ने कहा कि DMFT फंड का उपयोग केंद्र सरकार के नियम के आधार पर होता है. नए नियम को लेकर राज्य के अधिकारी ने आपत्ति जताई है, लेकिन उसमें कोई बदलाव नहीं हुई है. 25 किमी की परिधि का नियम केंद्र सरकार ने बनाया है, उसी के आधार पर इस फंड का उपयोग होता रहा है. सरकार दूसरे फंड की व्यवस्था करेगी, जिससे राज्य का विकास होता रहे.
सदन में विधायक प्रदीप यादव ने कहा कि राज्य सरकार ने मेरी चिंता पर गंभीरता जताई मतलब राज्य की जनता के विषय पर चिंता उठाई. राज्य के ऐसे क्षेत्र है जहां विकास नहीं हुआ तो कैसे इस फंड का उपयोग होगा.
मंत्री सुदिव्य कुमार सोनू ने कहा कि यदि नेता प्रतिपक्ष सहमत हो तो इस मुद्दे पर सदन में प्रस्ताव भी लाया जा सकता है.
नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी ने कहा कि DMFT फंड बहुत गंभीर विषय है. DMFT फंड की स्थिति क्या है इसका उपयोग प्रदूषण पेयजल की समस्या से निपटने के लिए किया जाता है. उस क्षेत्र में मूलभूत सुविधाओं से लोग वंचित है. DMFT फंड से जिम का निर्माण हुआ है. उसमें सिर्फ अफसर जाते हैं. बोकारो में DMFT फंड का दुरुपयोग हुआ है. इस पर भी बात हुई थी. उन्होंने कहा कि विधानसभा की एक टीम बना दिया जाए जिससे प्रभावित लोगों का विकास हो सके.
इस पर मंत्री योगेंद्र महतो ने कहा कि नेता प्रतिपक्ष की चिंता जायज है. कुछ मामलों की जांच चल रही है और यदि कोई दोषी पाया जाता है तो उस पर कार्रवाई की जाएगी. साथ ही नई नियमावली में संशोधन को लेकर केंद्र सरकार से भी विचार-विमर्श किया जाएगा.