JHARKHAND NEWS : नगर निगम क्षेत्र में 831 कोचिंग संस्थान, मात्र 68 के पास ही म्युनिसिपल ट्रेड लाइसेंस
रांची नगर निगम क्षेत्र में 1,364 शैक्षणिक संस्थान हैं, जिसमें 831 कोचिंग संस्थान शामिल हैं. रांची नगर निगम के पास उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार, शहरी क्षेत्र में मात्र 68 कोचिंग संस्थानों के पास ही वैध म्युनिसिपल ट्रेड लाइसेंस है. वर्तमान में नगर निगम की ओर से वैसे कोचिंग संस्थानों को चिह्नित किया जा रहा है, जिनके पास वैध ट्रेड लाइसेंस नहीं हैं। बिना वैध ट्रेड लाइसेंस के संचालित पाए जाने वाले सभी संस्थानों के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी. नगर निगम के अनुसार, बिना आवश्यक मयुनिसिपल अनुमति के व्यावसायिक गतिविधि संचालित करना झारखंड नगरपालिका अधिनियम-2011 की धारा-455 और झारखंड नगरपालिका म्युनिसिपल अनुज्ञप्ति नियमावली-2017 के कंडिका 19 व 20 का स्पष्ट उल्लंघन है. नगर निगम की ओर से सभी संबंधित कोचिंग संस्थानों को स्पष्ट निर्देश दिया गया है कि नोटिस प्राप्त होने के बाद तीन दिनों के अंदर अपने परिसर में रखी सामग्री, प्रचार सामग्री आदि को हटा लिया जाए और आवश्यक म्युनिसिपल अनुमति प्राप्त की जाए. कोचिंग संस्थानों को नगर निगम की चेतावनी भी दी गई है कि निर्धारित अवधि के बाद यदि कोई कोचिंग संस्थान बिना वैध अनुमति के संचालित पाया जाता है, तो उसके विरुद्ध सीलिंग की कार्रवाई शुरू की जाएगी. इस कार्रवाई की संपूर्ण जिम्मेदारी संबंधित संस्थान की होगी. रांची नगर निगम प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि वर्तमान कार्रवाई सिर्फ चिह्नित कोचिंग संस्थानों तक ही सीमित नहीं रहेगी. शहर में संचालित ऐसे सभी कोचिंग संस्थानों, जिनके पास वैध म्युनिसिपल ट्रेड लाइसेंस नहीं हैं, उन्हें नियमानुसार ट्रेड लाइसेंस प्राप्त करना अनिवार्य होगा. नियमों का अनुपालन नहीं करने वाले कोचिंग संस्थानों के विरुद्ध चरणबद्ध तरीके से नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी. रांची नगर निगम की ओर से शहरी क्षेत्र में संचालित सभी व्यावसायिक और शैक्षणिक संस्थानों से अपील की गई है कि वे अपने संस्थान के संचालन के लिए आवश्यक म्युनिसिपल ट्रेड लाइसेंस और अन्य वैधानिक अनुमतियां समय पर प्राप्त कर लें. नगर निगम का उद्देश्य शहर में कानून सम्मत, व्यवस्थित और पारदर्शी व्यावसायिक गतिविधियों को सुनिश्चित करना है। नगर निगम प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि नियम सभी के लिए एक समान है. बिना वैध अनुमति के किसी भी व्यावसायिक गतिविधि को संचालित करने की अनुमति नहीं दी जाएगी.
जांच के दौरान इन संस्थानों को जारी किया गया नोटिस
अमान्स मोशन एकेडमी, क्लैट प्रेप, न्यूटन ट्यूटोरियल्स, पाठशाला, करियर फाउंडेशन, एमएस लर्निंग रिसोर्सेस प्राइवेट लिमिटेड, डेजिन क्वेस्ट, एमबीए एचीवर्स, ग्रेविटी एजुकेशन, नेशनल क्लैट एकेडमी, मास्टर माइंड्स, पेजेज लाइब्रेरी, द ब्लैक बोर्ड, एके एकेडमी, डीक्यूब क्लासेस हिनू, लालपुर स्थित हरिओम टावर में संचालित न्यूटन ट्यूटोरियल, समर्थ एकेडमी, और फीटजी, ली डिजायर कांप्लेक्स में संचालित विजन आइएएस, इटरनल करियर क्लालेस, कैड डिजाइन स्कूल, स्काई टेक एविएशन, मेंटर्स एडुसर्व, केडी लाइब्रेरी ओर भंवर राठौर डिजाइन स्टूडियो, ईस्ट जेल रोड स्थित बीएमएस लाइब्रेरी, प्रेरणा इंस्टीट्यूट, इनसाइट लाइब्रेरी, प्रसाद एंड विनायका लाइब्रेरी, मेटा विजन एकेडमी, परफेक्ट ट्यूटोरियल, एक्सल एनसी आइएएस, किरण एकेडमी, एग्जाम फाइटर और थड़पखना व सर्कुलर रोड स्थित भविष्य भारती.
सुप्रीम कोर्ट के निर्देश पर की जा रही है कार्रवाई
रांची नगर निगम की ओर से विद्यार्थियों की सुरक्षा, भवन उपविधियों के अनुपालन और नगर क्षेत्र के भवनों के वैध व अनुमोदित उपयोग को सुनिश्चित करने के उद्देश्य से कोचिंग संस्थानों व लाइब्रेरी के विरुद्ध सघन जांच और नियमानुसार कार्रवाई की जा रही है. यह कार्रवाई सुप्रीम कोर्ट की ओर से सिविल अपील नंबर-14604 ऑफ 2024 और 14606 ऑफ 2024 में पारित निर्णय में दिए गए महत्वपूर्ण दिशा-निर्देश के तहत की जा रही है. सुप्रीम कोर्ट ने स्प्ष्ट निर्देश दिया है कि स्वीकृत भवन मानचित्र के विपरीत अथवा बिना आवश्यक अनुमति के किया गया निर्माण अनधिकृत निर्माण की श्रेणी में आता है और केवल समय बीत जाने से कोई अवैध निर्माण वैध नहीं हो जाता. न्यायालय की ओर से यह भी निर्देश दिया गया है कि अनधिकृत भवन में व्यवसाय या ट्रेड के लिए अनुमति या लाइसेंस नहीं दिया जाना चाहिए. इसी क्रम में रांची नगर निगम की ओर से स्पष्ट किया गया है कि बिना स्वीकृत नक्शे वाले भवन में अथवा बिना वैध ट्रेड लाइसेंस या आवश्यक अनुमति के संचालित कोचिंग संस्थानों के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी. स्वीकृत आवासीय भवन का व्यावसायिक उपयोग कर कोचिंग संस्थान या अन्य व्यावसायिक गतिविधि संचालित किए जाने की स्थिति में भी भवन के स्वीकृत उपयोग और लागू नियमों के अनुरूप कार्रवाई की जाएगी.
अग्नि सुरक्षा मानकों की नहीं होगी अनदेखी
नगर निगम की ओर से यह भी स्पष्ट किया गया है कि विद्यार्थियों की बड़ी संख्या वाले कोचिंग संस्थानों व लाइब्रेरी में आवश्यक अग्नि सुरक्षा व्यवस्था, फायर एग्जिट ओर वैध फायर एनओसी समेत निर्धारित सुरक्षा मानकों का अनुपालन आवश्यक है. जहां आवश्यक सुरक्षा प्रावधान उपलब्ध नहीं पाए जाएंगे, वहां संबंधित संस्था और भवन के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी. सुप्रीम कोर्ट की ओर से अपने निर्णय में भवनों में स्वीकृत योजना व सुरक्षा मानकों के उल्लंघन को गंभीरता से लेते हुए संबंधित प्राधिकरणों को प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित करने और उल्लंघन की स्थिति में जिम्मेदार अधिकारियों के विरुद्ध भी कार्रवाई करने के निर्देश दिए हैं. रांची नगर निगम की ओर से भी स्पष्ट किया गया है कि विद्यार्थियों की सुरक्षा से जुड़े मामलों में किसी भी प्रकार की लापरवाही या नियमों की अनदेखी स्वीकार नहीं की जाएगी. जांच के दौरान यदि भवन अथवा संस्थान का संचालन निर्धारित नियमों के विपरीत पाया जाता है और आवश्यक वैधानिक प्रक्रिया के बाद भी उल्लंघन दूर नहीं किया जाता है, तो नियमानुसार सीलिंग और आवश्यकतानुसार अन्य कार्रवाई की जाएगी. नोटिस जारी करने के बाद संबंधित संस्थानों से भवन व संस्थान से संबंधित आवश्यक अभिलेख प्राप्त किए जाएंगे. इसके बाद स्वीकृत भवन मानचित्र, भवन का स्वीकृत उपयोग, ट्रेड लाइसेंस, आवश्यक अनुमतियां, फायर एनओसी समेत अन्य निर्धारित सुरक्षा मानकों की जांच की जाएगी.
रांची नगर निगम की अपील
रांची नगर निगम ने सभी कोचिंग संस्थानों, लाइब्रेरी संचालकों व भवन मालिकों से अपील करते हुए कहा है कि वे अपने संस्थान के संचालन से संबंधित स्वीकृत भवन मानचित्र, भवन के उपयोग की अनुमति, ट्रेड लाइसेंस, आवश्यक लाइसेंस, फायर एनओसी समेत अन्य सुरक्षा प्रावधानों को तत्काल दुरुस्त व अपडेट रखें. विद्यार्थियों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है. भवन की वैधता, स्वीकृत नक्शे, अनुमोदित उपयोग, ट्रेड लाइसेंस और अग्नि सुरक्षा मानकों के साथ किसी भी प्रकार का समझौता नहीं किया जाएगा. नियमों का उल्लंघन पाए जाने पर रांची नगर निगम की ओर से विधि सम्मत और प्रभावी कार्रवाई की जाएगी.