JHARKHAND NEWS : रांची में न्यायमूर्ति सुजीत नारायण प्रसाद ने झालसा कैलंडर-2026 का किया विमोचन
रांची: झालसा द्वारा झारखंड राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण (JHALSA)की गतिविधि कैलेंडर-2026एवंJHALSAवार्षिक पत्रिका "न्याय डगर" (विशेष अंक-2025)का विमोचन तथा रांची विधिक साक्षरता क्लब के विद्यार्थियों का सम्मान समारोह,झालसा सभागार,न्याय सदन में आयोजित किया गया.
कार्यक्रम का शुभारम्भ दीप प्रज्वलित कर मुख्य अतिथि सुजीत नारायण प्रसाद, न्यायाधीश, झारखंड उच्च न्यायालय एवं कार्यकारी अध्यक्ष, झालसा द्वारा किया गया.
इस कार्यक्रम में सभी जिला विधिक सेवा प्राधिकार के अध्यक्ष एवं सचिव गण आभासी रूप से सम्मिलित हुए.
कार्यक्रम में पैनल अधिवक्तागण,मध्यस्थगण, LADCSएवंPLVsएवं अन्य की भी भागीदारी रही.
कार्यक्रम में मुख्य संबोधन मुख्य अतिथि सुजीत नारायण प्रसाद,न्यायाधीश,झारखंड उच्च न्यायालय एवं कार्यकारी अध्यक्ष,झालसा ने दिया. इस अवसर पर न्यायमूर्ति ने निम्न बातें कहीः
न्याय डगर2025के विमोचन के अवसर पर माननीय महोदय ने अवगत कराया कि झारखंड राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण (JHALSA)द्वारा वर्ष2025में अनेक गतिविधियाँ आयोजित की गई. नई गतिविधियों को भी गतिविधि कैलेंडर-2026में सम्मिलित किया जाएगा. झालसा केActivity Calendar 2026में राष्ट्रीय लोक अदालत,मासिक लोक अदालत,जागरूकता एवं
आउटरिच कार्यक्रम की रूपरेखा तैयार की गयी है जिनके माध्यम से डालसा अपनी गतिविधि करेगी.
माननीय ने झारखंड राज्य में लापता बच्चों एवं बाल तस्करी के बढ़ते मामलों पर गंभीर चिंता व्यक्त की तथा आधुनिक समाज में बच्चों की उचित देखभाल एवं संरक्षण की आवश्यकता पर बल दिया.
माननीय ने यह भी जोर दिया कि पुलिस थानों,चिकित्सालयों आदि में तैनात पैरा लीगल वॉलंटियर्स (PL.Vs)को अपने कर्तव्यों के प्रति अधिक सतर्क रहना चाहिए,ताकि किसी भी बच्चे के लापता होने की सूचना प्राप्त होते ही त्वरित कार्रवाई की जा सके.
माननीय महोदय ने यह अवलोकन किया कि रोजगार के पर्याप्त अवसरों के लिए झारखंड के युवाओं को अपने गृह राज्य से बाहर जाना पड़ता है.
माननीय महोदय ने आगे कहा कि यद्यपि न्यायिक आदेशों एवं निर्देशों के फलस्वरूप अधिकांश तस्करी पीड़ित बच्चों को मुक्त करा लिया गया है,तथापि पुनर्प्राप्ति के पश्चात उन्हें आजीविका के संचालन में कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है. अतः ऐसे बच्चों को राज्य के स्वयं सहायता समूहों से जोड़ा जाना चाहिए,जिससे उन्हें पुनः अपने गृह क्षेत्र से बाहर जाने की आवश्यकता न पड़े.
माननीय महोदय ने प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश सह अध्यक्ष,जिला विधिक सेवा प्राधिकरणों (DLSAs)से आग्रह किया कि वे इन विषयों पर विशेष ध्यान दें तथा पुनर्प्राप्त बच्चों को आवश्यक सामाजिक सहायता उपलब्ध कराएँ.
कार्यक्रम मेंCity S.P.पारस राणा,वर्चुअल माध्यम से सभी जिले के प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश तथा सभी डालसा के सचिवगण,मध्यस्थगण,पैनल अधिवक्ता, LADCS, PLVsएवं अन्य गणमान्य अतिथि मौजूद थे.
कार्यक्रम में स्वागत भाषण कुमारी रंजना अस्थाना,सदस्य सचिव,झालसा ने दिया एवं धन्यवाद ज्ञापन अभिषेक कुमार,उप-निबंधक-सह-उप सचिव,झालसा ने दिया.
रांची से सीनियर रिपोर्टर संतोष कुमार की रिपोर्ट--